साहिबाबाद। गर्मी के चलते खोड़ा से लेकर कौशांबी तक गंगाजल चोरी करने का खेल शुरू हो गया है। टंकी व हाइड्रेंट से पानी चोरी का खेल देर रात या तड़के किया जा रहा है। वहीं, खोड़ा में टैंकर से आने वाले पानी को दिल्ली ले जाकर बेचा जा रहा है। खोड़ा में मंगलवार को गंगाजल टैंकर में गड़बड़ी करते हुए चेयरमैन प्रतिनिधि ने चालक और हेल्पर को पकड़ कर इस चोरी की पुष्टि की है।
कौशांबी के हाइड्रेंट से पानी चोरी होने का खेल बहुत पुराना है। पहले से ही किसान आंदोलन व पीएसी को टैंकर से पानी आपूर्ति कराने के नाम का सहारा लिया जाता रहा है। पूर्व में लगातार पानी चोरी होने के कारण पंप आपरेटर आनंद को हटाने की कार्रवाई हुई थी लेकिन चोरी का यह खेल नहीं रुक पाया है। दो दिन पहले जीएम जलकल की कार्रवाई में भी लापरवाही उजागर हुई है। इसमें संबंधित ठेकेदार की लापरवाही भी रहती है। पार्षद पति मनोज गोयल का कहना है कि बार-बार आपरेटर को हटाने के बजाय ठेकेदार पर कार्रवाई होनी चाहिए जो नहीं हो रहा।
वहीं, खोड़ा रेजीडेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक जोशी ने बताया कि खोड़ा में समरर्सिबल लगाकर सैकड़ों आरओ वाटर प्लांट का संचालन किया जा रहा है। इन प्लांट से पानी दिल्ली बेचे जाने की शिकायत भी हो चुकी है। वहीं नगर निगम की ओर से प्रतिदिन 70 टैंकर से गंगाजल आपूर्ति की जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इन टैंकर से पानी दिल्ली में बेचने के लिए चोरी किया जाता है। लोगों को टैंकर से पर्याप्त पानी नहीं मिलने के चलते पानी चोरी के आरोप को बल मिल रहा है।
50 रुपये में भर रहे टैंकर, 1800 में रहे बेच
कारवा अध्यक्ष विनय कुमार मित्तल ने बताया कि कौशांबी की दो टंकी से रात में पानी चोरी करने का खेल चल रहा था। जानकारी में आया है कि टंकी स्टाफ 50-100 रुपये में टैंकर भरवा रहे थे जबकि यही टैंकर बाजार में 1500-1800 रुपये का बेचा जा रहा है। नगर निगम जलकल महाप्रबंधक आनंद त्रिपाठी के छापे में टंकी व हाइड्रेंट से पानी चोरी का खेल उजागर हो चुका है। जलकल महाप्रबंधक आनंद त्रिपाठी ने बताया कि किसी भी हाल में गंगाजल चोरी होना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गंगाजल चोरी करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई कराई जाएगी।
पानी चोरी रोकने को लगेंगे ब्लक मीटर
नगर निगम की टीम ने जब पानी चोरी पकड़ी तो अब इस पर शिकंजा कसने की तैयारी शुरू कर दी है। जलकल विभाग के जीएम आनंद त्रिपाठी ने बताया पानी चोरी रोकने के लिए पंपिंग स्टेशन में जहां यूजीआर और ओवर हेड टैंक हैं वहां पर ब्लक मीटर लगाया जाएगा। ब्लक मीटर से पता चलेगा कि गंगाजल कितनी मात्रा में प्लांट से सप्लाई हो रहा है और इसकी कितनी खपत रोजाना विभाग द्वारा हो रही है। इसके साथ ही कौशांबी में पानी चोरी मामले में एई ओमप्रकाश को जांच कर 15 दिन के अंदर रिपोर्ट सौंपने को कहा है। रिपोर्ट के आधार पर ही कार्रवाई होगी। रिपोर्ट में वह आसपास के लोगों से बातचीत करके भी पूरी डिटेल देंगे।
टैंकर आपूर्ति पर समिति रखेगी नजर
नगर पालिका चेयरमैन प्रतिनिधि अमरपाल शर्मा ने बताया कि पहले से ही नगर पालिका के हर वार्ड में टैंकर से गंगाजल पहुंचाने की व्यवस्था है। वर्तमान व्यवस्था से अधिक से अधिक लोगों तक गंगाजल पहुंचना पहली प्राथमिकता है। इसके लिए हर वार्ड में 10-15 लोगों की समिति बनाई जाएगी। यह समिति गंगाजल आपूर्ति पर नजर रखेगी ताकि वार्डों में बनाए गए सभी प्वाइंट पर लोगों को भरपूर मात्रा में गंगाजल मिल सके।
एक टैंकर को भरने में लगते हैं तीन मिनट
प्रताप विहार गंगाजल प्लांट के अधिशासी अभियंता उन्मेश शुक्ला ने बताया कि प्लांट में लगे दो हाइड्रेंट से गंगाजल दिया जा रहा है। एक टैंकर को भरने में दो से तीन मिनट लगते हैं। प्रतिदिन कितने टैंकर भरकर जा रहे हैं इसकी देखरेख व ब्योरा एकत्रित करने का प्रबंधन नगर पालिका खोड़ा स्तर से ही किया जा रहा है। वहीं खोड़ा में पालिका की ओर से सभी 34 वार्ड में तीन से चार प्वाइंट टैंकर खड़े करने के लिए बनाए गए हैं।