गर्मी बढ़ते ही खोड़ा में बढ़ी पानी की समस्या - नगर पालिका की तरफ से पानी सप्लाई की व्यवस्था नहीं होने के चलते बढ़ रही पानी की समस्या - घरों में लगे सबमर्सिबल से भी पानी की पर्याप्त आपूर्ति लोग नहीं कर पा रहे हैं - बोतल बंद पानी खरीदकर रोजमर्रा का काम लोगों को करना पड़ रहा है
माई सिटी रिपोर्टर
साहिबाबाद। गर्मी बढ़ने के साथ ही खोड़ा में रहने वाली 6 लाख की आबादी के सामने पानी की समस्या बढ़ती जा रही है। इलाके में रहने वाले लोगों को पानी नहीं मिल पा रहा है। पानी आपूर्ति के लिए घरों में लगे सबसमर्सिबल खराब हो रहे हैं। लॉकडाउन की वजह से जिन्हें ठीक करने में परेशाानी लोगों को आ रही है। पर्याप्त पानी नहीं मिलने की वजह से लोगों के सामने पेयजल संकट खड़ा हो गया है।
खोड़ा में पानी की समस्या सबसे बड़ी है। इलाके में नगर पालिका की तरफ से पानी की सप्लाई नहीं होती है। लोग अपने घरों में लगे सबसमर्सिबल या फिर बोतल बंद पानी खरीदकर रोजमर्रा का काम करते है। गर्मी जैसे जैसे बढ़ रही है इलाके में पानी की समस्या बढ़ती जा रही है। घ्ज्ञरों में लगे सबमर्सिबल खराब हो रहे है। लॉकडाउन की वजह से उन्हें ठीक कराने में परेशानी हो रही है। लोगों को पानी नहीं मिल पा रहा है। इसकी वजह से लोगों को पानी की किल्लत से जूझना पड़ रहा है। लोगों का आरोप है कि नगर पालिका बने कई साल होने के बाद भी नगर पालिका इलाके में पानी की व्यवस्था नहीं कर सका है। लोग वर्षो से पानी की समस्या से जूझ रहे है। लोगों को पानी की व्यवस्था करने में मोटा पैसा खर्च करना पड़ रहा है। स्थानीय सांसद जनरल वीके सिंह एवं विधायक सुनील शर्मा से भी मांग करेंगे कि हमें पानी की समस्या से जल्द निजात दिलाई जाए। नगर पालिका से भी कई बार इस बाबत शिकायत की गई है परंतु अभी तक समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ।
स्थानीय लोगों का कहना:- गर्मी आते ही हमारे यहां समर्सिबल में पानी बहुत कम मात्रा में आ रहा है नया नया समर्सिबल लगवाने में बहुत खर्चा आता है जिसे करवाने में लोग असमर्थ है। ललित कुमार खोड़ा में पीने के पानी की समस्या से लोग त्रस्त हैं, लोगों को खरीद कर पानी पीना पड़ता है, इसका समाधान जल्द से जल्द होना चाहिए। पुनीत गुप्ता नोएडा दिल्ली की सीमा पर बसा खोड़ा पानी की समस्या से त्रस्त है जिसका समाधान तो जल्द से जल्द निकलना चाहिए: संदीप, अध्यक्ष नवयुवक जनकल्याण समिति गर्मी आते ही हमारे यहां समर्सिबल में पानी बहुत कम मात्रा में आ रहा है। नया समर्सिबल बहुत मंहगा लगता है। मनीष रावत