माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। ग्रामीण क्षेत्र में भू जल स्तर को बढ़ाने के लिए और जल संचय के लिए विभिन्न कार्य कराए जाएंगे। इस वित्त वर्ष में करोड़ों रुपए के जल संचयन और प्रबंधन के कार्य कराए जाने की योजना है। इसके लिए पंचायती राज विभाग ने संबंधित अधिकारियों से प्रत्येक गांव में कराए जाने वाले जल संचयन के कार्यों की सूची तैयार करने को कहा है। इसके तहत रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, तालाबों का जीर्णोधार सहित विभिन्न कार्य कराए जाने हैं। भूजल स्तर को सुधारने के लिए विभाग ग्रामीण स्तर पर योजना तैयार कर रहा है। योजना में ऐसे गांवों को शामिल किया जाएगा जहां पर पानी की बर्बादी अधिक होती है। प्रत्येक गांव में पानी बचाने के लिए अभी तक क्या-क्या व्यवस्थाएं या कार्य किए गए हैं। इन सभी बिंदुओं को योजना में शामिल करते हुए पंचायती राज विभाग रूपरेखा तैयार करके खर्च का इस्टीमेट तैयार करेगा। जिला पंचायत राज अधिकारी अनिल कुमार त्रिपाठी ने बताया कि मानसून आने से पहले बारिश का संचयन करने के लिए विभिन्न कार्य कराए जाएंगे, जिससे बारिश के पानी को बर्बाद होने से बचाकर उसे भूगर्भ तक पहुंचाया जा सके। बारिश का ज्यादातर पानी नाले नालियों और सड़कों पर बहकर बर्बाद हो जाता है। पानी बचाने के लिए मुरादनगर, लोनी, रजापुर और भोजपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायतों पर करोड़ों रुपए खर्च किए जाएंगे। इसमें रूफ टॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, तालाबों की सौंदर्यीकरण, बारिश का पानी साफ करके तालाब में भेजने के लिए स्टेबलाइजेशन पॉन्ड और तालाबों का गहरीकरण आदि कार्य कराए जाएंगे। इसके अलावा हैंड पंप और नालियों के सोकपिट्स भी बनाए जाने हैं।