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Ghaziabad News: नगर निगम बनने के 27 साल बाद भी 40 हजार लोगों तक नहीं पहुंचा पानी

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गाजियाबाद। नगर निगम बनने के 27 साल बाद भी शहर के 40 हजार लोगों के घरों तक पानी की आपूर्ति नहीं की जा सकी है। इन लोगों की प्यास हैंडपंप और सबमर्सिबल बुझा रहे हैं। वार्ड नंबर 62 हरसांव में करीब दस हजार लोग पिछले कई सालों से निगम से पानी की उम्मीद में वोट देते आ रहे हैं। नगर निगम के हर कार्यकाल में पानी के लिए बड़ी-बड़ी योजनाएं बनती हैं, लेकिन कागजों में ही सिमट कर रह जाती हैं।
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हरसांव, मोरटा, घूकना, नंदग्राम, आरकेपुरम, बालाजी कालोनी, महराजपुर, झंडापुर में आज भी पेयजल आपूर्ति की समस्या बड़ा मुद्दा बना है। झंडापुर में करीब डेढ़ दशक पहले पेयजल लाइन डाली गई थी, कुछ दिन पानी की सप्लाई भी हुई लेकिन फिर से बंद हो गई। खास बात यह है कि यहां के लोगों से गृहकर के साथ जलकर भी लिया जाता है। लाखों रुपये टैक्स देने के बाद भी लोग बंद बोतल पानी खरीदकर प्यास बुझाते हैं।

पानी का गणित
शहर में पानी की लाइन 26500 किलोमीटर
जलापूर्ति 320 एमएलडी
मांग 375 एमएलडी
कमी 55 एमएलडी
आबादी करीब 25 लाख
पानी के कनेक्शन करीब तीन लाख
क्रियाशील ओवरहेड टैंकों 51
खराब 13
भूमिगत जलाशय 27
नलकूपाें की संख्या 266
मिनी नलकूप 754
खराब मिनी नलकूप 10
हैंडपंप 7247
खराब हैंडपंप 7747
पानी के टैंकर 61
ट्रैक्टर 14
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प्रस्तावित योजनाएं
पानी की लाइन 90 किलोमीटर
नौ नलकूप
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वोटर 10,000
आबादी 30000
पूरे कार्यकाल पानी का उठाया मुद्दा
वार्ड नंबर 62 से निवर्तमान पार्षद अमित डबास का कहना है कि पूरे कार्यकाल में पानी की आपूर्ति की मांग की गई। बालाजी, आरकेपुरम और हरसांव कालोनी में पेयजल सप्लाई की व्यवस्था नहीं बन पाई। कई बार प्रस्ताव पास हुआ। लेकिन बजट का अभाव बताकर जलकल विभाग ने पल्ला झाड़ लिया।
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हरसांव निवासी ओमपाल का कहना है कि इस बार कालोनी में गृहकर के साथ पानी का टैक्स भी भेजा गया है। लोग टैक्स देने के लिए तैयार हैं लेकिन पानी की आपूर्ति नहीं की जा रही है। लोगों ने अपने घरों में पानी की मोटर लगा रखी है। उसी से पानी पी रहे हैं। मोटर खराब हाेने पर हैंडपंप का सहारा रहता है।


वोटर 2000
आबादी 8000
पुरानी बदली नहीं, नई पाइप लाइन डाली नहीं
निवर्तमान पार्षद नरेश जाटव ने बताया कि वार्ड नंबर एक, सात में करीब दो दशक पूर्व पानी की लाइन डाली गई थी, अधिकांश लाइन जमीन में काफी नीचे चली गई हैं। टेंडर भी हुआ लेकिन नई लाइन डाली नहीं गई। आदर्श कालोनी की तीन गलियों में पांच साल में एक बार भी साफ पानी नहीं आया।

इन इलाकों में दूषित पेयजल की समस्या
सर्वोदय कालोनी, बिहारीपुरा, प्रताप विहार, मिर्जापुर, पसौंडा,
90 किलोमीटर नई पेयजल लाइन डालने के लिए कार्यादेश जारी हो चुका है। चुनाव बाद पेयजल लाइन बिछाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। दूषित पेयजल की समस्या जहां से आती है उसे तत्काल ठीक कराया जाता है। लाइनपार क्षेत्र में कुछ इलाकों से शिकायत मिली है। लाइन को ठीक कराया जा रहा है।
200 मीटर की परिधि में यदि लाइन है तो लगेगा टैक्स
मुख्य कर निर्धारण अधिकारी डॉ. संजीव सिन्हा का कहना है कि नगर निगम क्षेत्र में सभी संपत्तियों पर कर लगाया जाता है। यदि पानी की लाइन दो सौ मीटर की परिधि में है तो गृहकर के साथ जलकर भी देना होगा। ऐसी व्यवस्था नगर निगम की नियमावली में है।
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