माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। जल संचयन के लिए पिछले वित्त वर्ष करोड़ों के विभिन्न कार्य कराए गए थे लेकिन अभी तक ग्राम्य विकास विभाग को कराए गए कार्यों की रिपोर्ट नहीं मिल पाई है। विभाग ने संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए जल संचयन के कराए गए कार्यों की रिपोर्ट दो दिन के अंदर मांगा है। दो दिन में रिपोर्ट जमा ना कराने पर कड़ी कार्रवाई करने के भी कहा गया है। पिछले वर्ष से भू जल स्तर बढ़ाने के लिए विभिन्न योजनाएं चलाई गई थीं जिसमें ग्राम पंचायतों में सोक पिट, नलकूप, तालाबों का सुद्दीकरण सहित वाटर हार्वेस्टिंग आदि कराने को कहा गया था। मुरादनगर लोनी राजापुर भोजपुर ब्लॉक की सभी ग्राम पंचायतों में नाली सोकपिट नलकूप सोकपिट, तालाबों का सुदृढ़ीकरण, स्टेबलाइजेशन पॉन्ड, रूफ टॉप वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम आदि कार्य कराए गए थे। इनमें से कितने कार्य अभी तक पूरे हुए और कितनेेेे अधूरे पड़े हुए हैं इसकी जानकारी अभी विभाग को नहीं है। विकास अधिकारी भालचंद्र त्रिपाठी ने बताया कि सभी ग्राम प्रधान और ग्राम विकास अधिकारियों से जल संचयन के कार्यों की रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट में कराए गए कार्योंं की पूरी जानकारी देनी होगी। अगर कोई काम अधूरा पड़ा हुआ है या काम कराया जाना बाकी है तो यह भी बताना होगा। रिपोर्ट मिलने के बाद कराए गए कार्यों का सत्यापन भी किया जाएगा। गलत रिपोर्ट देने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी। जल संचयन के अंतर्गत शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में 304 रूफ टॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, 248 तालाबों की सफाई, 89 पर स्टेबलाइजेशन पॉन्ड और 18 तालाबों का गहरीकरण किया जाना था। इसके अलावा 1227 हैंड पंप और नालियों के सोकपिट्स बनाने का काम शुरु किया गया था।