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एमएसएमई राहत पैकेज में शामिल हुए व्यापारी

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एमएसएमई राहत पैकेज में व्यापारी शामिल - जिले के करीब आठ लाख व्यापारियों को मिल सकता है लाभ माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। केंद्र सरकार के एमएसएमई सेक्टर के लिए घोषित 3 लाख करोड़ के पैकेज में व्यापारी भी शामिल है। सरकार के इस निर्णय से गाजियाबाद के करीब आठ लाख व्यापारी लाभान्वित होंगे। जीएसटी में रजिस्टर्ड और अनरजिस्टर्ड दोनों तरह के व्यापारियों को इसका लाभ मिल सकता है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल ने इस मांग को केंद्र सरकार के समक्ष रख था। प्रदेश महामंत्री तिलकराज अरोड़ा ने कहा की प्रदेश में लॉकडाउन के कारण उत्पन्न होने वाले तरलता संकट से निपटने के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री ने गारंटीड इमरजेंसी क्रेडिट लाइन योजना का लाभ व्यापारियों को भी मिले, इस पर व्यापार मंडल की मांग का संज्ञान लिया। वित्त मंत्री और वाणिज्य मंत्री को 12 मई को वित्त मंत्री द्वारा घोषित एमएसएमई सेक्टर के लिए 3 लाख करोड़ पैकेज के तहत उत्तर प्रदेश के व्यापारियों को भी शामिल करने का पुरजोर अनुरोध किया था। नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्ट कॉरपोरेशन ने इस योजना के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं और स्पष्ट किया है कि एमएसएमई, व्यवसाय जो एमएसएमई के रूप में पंजीकृत नहीं हैं वे भी इस योजना के पात्र हैं। इस नई गारंटी योजना का प्रमुख सूचक तथ्य यह है कि बैंको द्वारा यह कर्ज देते हुए एक नया ऋण खाता बनाया जाएगा, जो उधारकर्ता के मौजूदा ऋण खाते से अलग होगा। 12 महीने की तक की मोहलत के साथ 4 साल की अवधि के लिए प्रदान किए गए ऋण पर बैंकों के लिए ब्याज दर 9.25 प्रतिशत और एनबीएफसी के लिए 14 प्रतिशत तय की गई है। सभी व्यापारी जिनके पास बैंकों का 25 करोड़ तक का बकाया ऋण है, और 100 करोड़ तक की वार्षिक टर्नओवर है, वो इस योजना के अंतर्गत बैंकों से ऋण ले सकेंगे। महानगर अध्यक्ष उदित मोहन गर्ग ने कहा कि कोविड-19 लॉकडाउन ने खुदरा व्यापारियों को गंभीर रूप से चोट पहुंचाई है। पिछले 60 दिनों में गाजियाबाद जिले में खुदरा व्यापार में अनुमानित कई हजार करोड़ से अधिक के व्यापार का नुकसान हुआ हैं। उन्होंने बताया कि योजना के तहत व्यापारियों को शामिल करना सरकार का एक स्वागत योग्य कदम है। हालांकि उत्तर प्रदेश के व्यापारियों का एक बड़ा वर्ग बैंकों या एनबीएफसी के मौजूदा ग्राहक नहीं हैं, इसलिए इस योजना के दायरे को ऐसे सभी व्यापारियों को भी शामिल करना चाहिए। ताकि पैकेज का लाभ एक बड़ी आबादी तक पहुंचाया जा सके।
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