गाजियाबाद। क्रॉसिंग रिपब्लिक क्षेत्र की पैरामाउंट सिंफनी सोसायटी में शनिवार तड़के करीब साढ़े तीन बजे हुई विपुल वर्मा की हत्या के मामले में उनके पिता बृजेश ने बताया कि विपुल को इमरजेंसी बताकर बुलाया गया था। दीप्ति के तहेरे भाई संजय ने विपुल को कॉल करके कहा था कि कुछ इमरजेंसी है दीप्ति के पास चले जाओ। यह बात विपुल के दोस्त ने उनके पिता को बताई है।
बृजेश ने आरोप लगाया कि उनके बेटे की दीप्ति ने साजिश रच कर हत्या करवाई है। बृजेश ने बताया कि उनके बेटे ने 12वीं की पढ़ाई लखनऊ से पास की थी। इसके बाद वह गाजियाबाद के एबीईएस कॉलेज में पढ़ने के लिए आए। वह पढ़ने में काफी अच्छा था। दीप्ति उससे बात करती थी। दोनों में दोस्ती थी, लेकिन दीप्ति के व्यवहार को लेकर उसने बात करना बंद कर दिया था। आरोप है कि करीब पांच महीने से विपुल उससे बात नहीं कर रहा था और उसने नंबर भी ब्लॉक कर दिया था। ऐसे में दीप्ति उसके दोस्तों को कॉल करने लगी थी। वहीं, एक बार उसने कॉलेज में कॉल कर विपुल से बात करने के लिए परिवार में इमरजेंसी बताकर झूठ बोलकर बात की थी। मामले में पुलिस ने राजेश और दीप्ति को गिरफ्तार कर लिया है। एसीपी पूनम मिश्रा का कहना है कि विपुल को कॉल करने वाले संजय के बारे में जानकारी की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।