गाजियाबाद। बरसात के बाद ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (ईपीई) पर जगह-जगह से सड़क धंसने और टूटने की वजह से गाड़ियां झटके खा रही हैं। 100 और 120 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से दौड़ती गाड़ियां गड्ढों की वजह से कभी भी दुर्घटनाग्रस्त हो सकती हैं। लगातार मिल रहीं शिकायतों के बाद अब एनएचएआई ने ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे की टूटी सड़कों की मरम्मत के लिए दो से बढ़ाकर 10 टीमों को लगाया है। एनएचएआई के अधिकारियों का दावा है कि दिसंबर तक सभी पूरे ईपीई की मरम्मत का काम पूरा कर लिया जाएगा।
ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर बरसात के दौरान सीमेंटेड सड़क में भी दरारें आ गई हैं। डासना टोल बूथ के पास से सड़क किनारे की मिट्टी का कटान हो जाने के कारण सड़क का बड़ा हिस्सा धंस गया था। इनके अलावा दुहाई से बागपत की ओर ईपीई के एंट्री प्वाइंट पर सड़क इस कदर टूट चुकी है कि यहां से वाहनों का निकलना दूभर हो रहा है। गहरे गड्ढों में बारिश का पानी जमा हो जाने से स्थिति और बदहाल हो जाती है। डासना से बागपत तक के बीच करीब 40 से ज्यादा प्वाइंट पर सड़क टूटी हुई हैं। दुहाई और बागपत के बीच स्थित पेट्रोल पंप के पास सड़क धंस जाने से नाली नुमा गड्ढा बन गया है। यह गड्ढा दूर से वाहन चालकों को दिखाई नहीं देता लेकिन 100 और 120 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से दौड़ती कारें जब यहां से गुजरती हैं तो यात्रियों को बड़ा झटका लगता है।
बिटुमिन से बने हिस्सों में भी गड्ढे बने, स्ट्रीट लाइटें भी बंद
ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर कई स्थान पर दो हिस्सों को जोड़ने के लिए बिटुमिन (तारकोल) की परत चढ़ाई गई है। बारिश के कारण यह तारकोल की परत भी उखड़ गई है, इसकी वजह से वाहन झटके खा रहे हैं। टोल शुल्क वसूलने के बावजूद यात्रियों को सुहाने सफर का अहसास नहीं हो रहा। यात्रियों का कहना है कि ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर गड्ढों की वजह से लगातार एक से डेढ़ किलोमीटर का सफर भी आरामदायक नहीं रहा। उनका कहना है कि एक्सप्रेसवे पर लगी अधिकांश स्ट्रीट लाइटें खराब हैं। इनकी वजह से रात के समय गड्ढे नजर नहीं आते।
सीमेंटेड सड़कों को काटकर दोबारा कराया जा रहा निर्माण
एनएचएआई के परियोजना निदेशक का कहना है कि जिन स्थानों पर सीमेंटेड सड़कों में क्रैक आ गया था, वहां उतने हिस्से को काटकर दोबारा निर्माण कराया जा रहा है। कई स्थानों पर यह काम पूरा हो गया है और बाकी प्वाइंट पर काम जारी है।
ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे की मरम्मत के लिए टीमें बढ़ा दी गई हैं। एप्रोच रोड और जोड़ों की मरम्मत का काम 15 अक्तूबर तक पूरा कर लिया जाएगा। इससे 95 फीसदी दिक्कतें खत्म हो जाएंगी। पैनल रिप्लेसमेेंट और बाकी पांच फीसदी काम दिसंबर तक पूरे हो जाएंगे। अब कोई गड्ढा बाकी नहीं बचा है।
- अरविंद कुमार, परियोजना निदेशक, एनएचएआई