गाजियाबाद। कांवड़ मार्ग पर पड़ने वाले ढाबे और रेस्तरां पर शाकाहारी या मांसाहारी भी लिखना होगा। इसके लिए पुलिस आयुक्त अजय कुमार मिश्र ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश जारी किए हैं। पुलिस एक-एक ढाबे और रेस्तरां पर जाकर देखेगी कि निर्देश का पालन किया गया है या नहीं।
कांवड़ यात्रा के लिए और भी निर्देश जारी किए गए हैं। ढाबा एवं रेस्तरां के बाहर संचालकों को बड़े अक्षरों में स्पष्ट रूप से अपना नाम लिखना होगा। इसके लिए सबसे पहले निर्देश मुजफ्फरनगर पुलिस की ओर से दिए गए। इस पर सियासी बयानबाजी हो रही है। इसके बाद अब गाजियाबाद कमिश्नरेट पुलिस के निर्देश भी सामने आ गए।
पुलिस आयुक्त की ओर से थाना प्रभारियों से कहा गया है कि कांवड़ मार्ग पर पड़ने वाले सभी मंदिरों और मस्जिदों की सूची अपने पास रखें। साथ ही इनके प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों के मोबाइल नंबर भी होने चाहिएं। साथ ही कांवड़ मार्ग पर पड़ने वाले मुस्लिम बहुल मोहल्ले और मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों के प्रधान और सभासदों से संपर्क बनाए रखना है। उनके मोबाइल नंबर भी पुलिस के पास होने चाहिए।
पूरे सावन बंद रहेंगी मांस की दुकानें
पुलिस आयुक्त की ओर से निर्देश दिए गए हैं कि कांवड़ मार्ग पर मांस की दुकानें पूरे सावन बंद रखी जाएंगी। उनका कहना है कि यह पहली बार नहीं है। हर बार सावन में इन दुकानों को बंद रखा जाता है। थाना प्रभारियों को दुकानों के मालिकों के नाम और मोबाइल नंबर भी अपने पास रखने होंगे। शराब की दुकानों के लिए भी निर्देश जारी किए गए हैं। इन पर पर्दा डाला जाएगा ताकि ये नजर न आएं। इनके दुकानदारों के नाम और मोबाइल नंबर भी थाना प्रभारी के पास रहेंगे।
बंद रहते हैं रेस्तरां और ढाबे
पुलिस की ओर से रेस्तरां और ढाबों के लिए निर्देश तो जारी किए जा रहे हैं, लेकिन इनके संचालकों का कहना है कि इसका कोई खास असर नहीं पड़ेगा। हर बार कांवड़ यात्रा चालू होते ही कांवड़ मार्ग के सभी रेस्तरां और ढाबे बंद हो जाते हैं। इस मार्ग पर केवल कांवड़िए ही चलते हैं। अन्य लोग आ नहीं पाते, इसलिए ढाबे और रेस्तरां बंद कर दिए जाते हैं।
ये भी दिए निर्देश
कांवड़ मार्ग पर पड़ने वाले प्रत्येक थाने की पुलिस को कम से कम 50 कांवड़ सहयोगी बनाने हैं। जरूरत पड़ने पर इनकी मदद ली जाएगी।
कांवड़ियों के लिए सभी थाना प्रभारियों को गंगाजल की व्यवस्था करानी है। जो कांवड़िया मांगेगा, उसे उपलब्ध कराना होगा।
कांवड़ मार्ग पर स्नान के स्थानों पर जाल लगाया जाना है। गाजियाबाद में कांवड़िये गंगनहर में भी स्नान करते हैं।
कांवड़ मार्ग पर पड़ने वाले गूलर के सभी पेड़ों की छंटाई कराई जानी है। यह काम 20 जुलाई तक पूरा होना है।
कांवड़ मार्ग पर पड़ने वाले सभी रेस्तरां और ढाबों पर रेट लिस्ट लगी होनी चाहिए। थाना प्रभारी इसका पालन कराएंगे।
कांवड़ यात्रा के लिए थाना प्रभारियों को दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। हालांकि, इनमें कुछ नया नहीं है। जो व्यवस्था हर बार रहती है, इस बार भी वही है।
- अजय कुमार मिश्र, पुलिस आयुक्त