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Ghaziabad News: टैबलेट और जैमर का इस्तेमाल कर चुराते थे कार, 4 गिरफ्तार

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गाजियाबाद। टैबलेट और जैमर का इस्तेमाल करके चार पहिया वाहन चोरी करने वाले गिरोह के चार शातिरों को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है। क्राइम ब्रांच ने पकड़े गए शातिरों के पास से टैबलेट, जैमर, ड्रिल मशीन समेत अन्य आधुनिक इलेक्ट्राॅनिक उपकरण बरामद किए हैं। साथ ही चोरी की तीन लग्जरी कार भी बरामद की हैं। तीनों बरामद कार इन्होंने इसी महीने दिल्ली और हरियाणा से चोरी की थी। अब तक 200 से ज्यादा कार चोरी कर चुके हैं। ऑन डिमांड चोरी की कार गुजरात, राजस्थान समेत अलग-अलग राज्यों में बेच रहे थे।
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एडीसीपी अपराध सच्चिदानंद ने बताया कि पकड़े गए शातिर बुलंदशहर के गुलावठी के गांव कुल्ली भटौना निवासी रिंकू उर्फ नूर मोहम्मद, बागपत के सिंघावली अहीर निवासी हाकिम, मेरठ के खैरनगर निवासी मोहसीन उर्फ सोनू और दिल्ली के सुंदरनगरी निवासी शाकिर हैं। रिंकू हाल में लोनी के अशोर विहार में, हाकिम दिल्ली के करावल नगर में और मोहसीन दिल्ली के लक्ष्मीनगर में रह रहा है। गिरोह का सरगना रिंकू है। एडीसीपी ने बताया कि दिल्ली, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर में रिंकू के खिलाफ 36, हाकिम के खिलाफ 32, मोहसीन के खिलाफ सात और शाकिर के खिलाफ 13 मुकदमे दर्ज हैं। पूर्व में ये कई बार जेल जा चुके हैं।

पूछताछ में नूर मोहम्मद ने बताया कि वह 8वीं फेल है। पहले वह बढ़ई था। ज्यादा कमाई के लिए वह अपने एक साथी के साथ मिलकर चोरी करने लगा। हाकिम ने बताया वह पहले दूध बेचे का काम करता था। अपने साथियों की मदद से टैब व अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मदद से कार चोरी करने सीख लिया।
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एक से डेढ़ लाख में बेचते थे महंगी कार

पूछताछ में रिंकू ने बताया कि वह एक से डेढ़ लाख रुपये में कार को शाकिर को बेचता था। शाकिर ने बताया कि वह हाकिम से चोरी की कार लेकर मोहसीन को बेचता है। मोहसीन ने बताया कि उसने शाकिर से फिर संपर्क करके चोरी की कारों को सप्लाई करने लगा। इसमें सभी अपना-अपना मुनाफा जोड़कर कार को आगे बेचते थे।



15 मिनट में चुरा लेते थे कोई भी कार

पूछताछ में शातिरों ने बताया कि कार चोरी करते समय पहले उनका एक साथ कार का दरवाजा खोलता है और टैबलेट व मैग्नेट लेकर कार के अंदर बैठ जाता है। जो कार के अंदर कार का सिस्टम सॉफ्टवेयर की मदद से हैक करता है। इसी बीच दूसरा साथी कार में लगे हूटर के तार काटता और जीपीएस काम न करे इसके लिए जैमर लगा देते हैं। इसे करने में उन्हें करीब 15 मिनट लगते हैं और कार चोरी करके फरार हो जाते हैं।
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