कौशांबी। यूपी गेट एनएच-नौ पर एलिवेटेड रोड के सामने रविवार तड़के 3:30 बजे तीन बदमाशों ने चलते ऑटो में नोएडा के कारोबारी के कर्मचारी को जमकर पीटा और अल्ट्रासाउंड वेल्डिंग मशीन और फोन लूटकर डिवाइडर पर फेंक दिया। वह पंजाब के भटिंडा से मशीन लेकर नोएडा सेक्टर-49 बरौला जा रहा था। पुलिस ने जब कर्मचारी को बयान के लिए बुलाया तो वह नहीं आया। इसके बाद कारोबारी ने अपने कर्मचारी पर केस दर्ज कराया है। पुलिस लूट की घटना को संदिग्ध मान रही है।
ग्रेटर नोएडा सेक्टर डेल्टा-एक में वेल्डिंग कारोबारी प्रवीण कुमार के पास गली नंबर-चार सेक्टर-49 बरौला निवासी ओमवीर डेढ़ साल से काम करता है। शुक्रवार शाम पांच बजे ओमवीर पंजाब के भटिंडा से ढाई लाख कीमत की अल्ट्रासाउंड वेल्डिंग मशीन लेकर नोएडा लौट रहा था। रात तीन बजे वह आनंद विहार बस अड्डे पहुंचा और वहां से नोएडा सेक्टर-62 जाने के लिए ऑटो में बैठा गया। आरोप है कि ऑटो में पीछे सीट पर दो बदमाश बैठे थे। उन्होंने ओमवीर को बीच में बैठा लिया। चालक ऑटो को कौशांबी से निकालकर यूपी गेट की तरफ पहुंचा।
एनएच-नौ पर एलिवेटेड रोड के सामने बदमाशों ने कर्मचारी को पीटना शुरू कर दिया। विरोध करने पर बदमाशों ने मशीन और फोन लूटकर कर्मचारी को चलते ऑटो से डिवाइडर पर फेंक दिया। इसके बाद वह इंदिरापुरम की तरफ भाग गए। कर्मचारी ने सुबह पांच बजे कारोबारी को घटना की सूचना दी। कारोबारी ने कर्मचारी से तुरंत पुलिस को शिकायत देने के लिए कहा। उनका कहना था कि वह ऋषिकेश में थे। इस वजह से घटनास्थल पर नहीं पहुंच पाए थे। घर लौटने पर वह कर्मचारी के बताए घटनास्थल के अनुसार नोएडा पुलिस में शिकायत देने पहुंचे लेकिन पुलिस ने उन्हें सीमा क्षेत्र से बाहर घटना होने की बात कह कर इंदिरापुरम कोतवाली भेज दिया। कर्मचारी पुलिस के बुलाने पर नहीं आया।
सीमा विवाद में उलझी रही इंदिरापुरम और कौशांबी पुलिस :
कारोबारी का आरोप है कि रविवार रात इंदिरापुरम कोतवाली पुलिस ने जांच के दौरान ओमवीर से पूछताछ की लेकिन मुकदमा दर्ज करने की बात पर वारदात कौशांबी क्षेत्र की बताकर थाने से टरका दिया। उनका कहना है कि रविवार दोपहर तक उनकी लिखित शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया।
एसीपी साहिबाबाद (कार्यवाहक) भास्कर वर्मा का कहना है कि कर्मचारी से हुई घटना में पूछताछ की, जिसमें हर बार अलग-अलग घटनास्थल बताए। वह बयान दर्ज कराने भी नहीं आया। घटना के दौरान ऑटो 70 किमी/घंटा स्पीड से चल रहा था। बदमाशों ने कर्मचारी को डिवाइडर पर फेंका लेकिन उस पर चोट के कोई निशान नहीं मिले।