गाजियाबाद से मुरादाबाद स्टेशनों के बीच दो अतिरिक्त ट्रैक बिछाए जाएंगे। यात्रियों और ट्रेनों की संख्या लगातार बढ़ने से रेलवे प्रशासन ने यह निर्णय लिया है। ट्रैक बिछाने से पहले फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करने के लिए सर्वे शुरू हो गया है।
मौजूदा समय में इस रूट पर दो ट्रैक पर ट्रेनें दौड़ रही हैं। इस रूट से रोजाना करीब 200 ट्रेनें आवागमन करती हैं। इस रूट से न केवल मुरादाबाद, बल्कि रामपुर, बरेली, लखनऊ के लिए सीधे ट्रेनें संचालित होती हैं। मुरादाबाद से ही उत्तराखंड और जम्मू के लिए भी ट्रेनें जाती हैं।
काठगोदाम और रानी खेत के लिए भी ट्रेनें इस रूट से गुजरती हैं। भविष्य में बुलेट और हाईस्पीड ट्रेनें भी चलाने की योजनाएं चल रही हैं। ट्रेनों की संख्या बढ़ने से अक्सर लाइन क्लीयर नहीं रहती है। अक्सर गाड़ियों को बीच में या आउटर पर रोक दिया जाता है।
सिग्नल के इंतजार में ट्रेनें घंटों खड़ी रहती हैं। इससे यात्रियों को गंतव्य में पहुंचने में देरी होती है। सबसे ज्यादा दिक्कत गर्मी के दिनों में होती है। जब ट्रेन के लेट होने से यात्रियों को गर्मी में परेशान करना पड़ता है। इस रेलखंड पर चार ट्रैक होने के बाद यात्रियों काफी सहूलियत होगी और ट्रेनों की रफ्तार भी बढ़ेगी।
141 किलोमीटर में बिछेगा ट्रैक
गाजियाबाद से मुरादाबाद जंक्शन की दूरी करीब 141 किलोमीटर है। इस रूट पर चार ट्रैक होने के बाद यह दूरी ट्रेनें डेढ़ घंटे में पूरा कर लेंगी। स्टेशनों को छोड़कर ट्रेनों को कहीं रुकना नहीं पड़ेगा।
अक्तूबर-नवंबर तक शुरू हो सकता है काम
सेक्शन इंजीनियर पीके पांडेय का कहना है कि सर्वे शुरू हो चुका है। रेलवे द्वारा नामित कंपनी अतिरिक्त ट्रैक के लिए सर्वे कर रही है। उम्मीद है कि जल्द ही सर्वे का काम पूरा हो जाएगा। अक्तूबर-नवंबर ट्रैक बिछाने का काम शुरू हो सकता है।