गाजियाबाद। पत्नी और ससुरालियों द्वारा मकान अपने नाम कराने का दबाव बनाकर उत्पीड़न करने से परेशान होकर अनिल ने जान दे दी। घटना 27 अगस्त की है। जेब से मिली एक पर्ची में अनिल ने पत्नी और उसके मायके वालों को मौत का जिम्मेदार ठहराया है। अनिल की मां सावित्री ने हत्या का आरोप लगा मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया है।
मधुबन बापूधाम क्षेत्र के रईसपुर निवासी सावित्री ने बताया कि उनके बेटे अनिल की शादी कोटगांव की रहने वाली अरुणा से हुई थी। 25 अगस्त को अनिल अपनी पत्नी और बच्चों के साथ ससुराल गया था। बाद में दोनों बच्चों के साथ घर लौट आया। 27 अगस्त को वह पत्नी को लेने ससुराल गया था। दोपहर में उन्हें सूचना मिली कि अनिल की तबीयत बहुत ज्यादा खराब है और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वह अस्पताल पहुंचीं तो चिकित्सकों ने बताया कि अनिल की हालत गंभीर है, जहां उपचार के दौरान अनिल की मौत हो गई। आरोप है कि अनिल जिस मकान में रहता था अरुणा उसे अपने नाम कराने के लिए दबाव बना रही थी।
अरुणा और उसके मायके वाले अनिल पर भी इसको लेकर दबाव बनाकर उत्पीड़न करते थे। आरोप है कि अरुणा की बहन अन्नू ने भी अपने पति की जहर देकर हत्या कर दी थी। अनिल की मौत के मामले में उन्होंने अरुणा समेत नौ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। एसीपी कोतवाली रितेश त्रिपाठी ने बताया कि मामले में जांच की जा रही है। जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।