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तेल ने लगाई आग, ट्रांसपोर्टर्स ने बढ़ाया भाड़ा

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फोटो सहित --- तेल ने लगाई आग, ट्रांसपोर्टर्स ने बढ़ाया भाड़ा - माल भाड़े में 20 फीसद बढ़ोत्तरी का एलान, रोजमर्रा की वस्तुएं महंगी होना तय --- माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। तेल (पेट्रोल-डीजल) के दामों में लगी आग ने महंगाई को दस्तक दे दी है। जिले में ट्रांसपोर्टर्स ने माल भाड़ा में वृद्धि की घोषणा कर दी है। गाजियाबाद महानगर गुड्स ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन ने माल भाड़े में 20 फीसद की बढ़ोत्तरी का एलान किया है। इसके बाद तय है कि जिले में उद्योग धंधों के साथ रोजमर्रा की वस्तुओं के मूल्य बढ़ना तय है। गाजियाबाद महानगर गुड्स ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि लॉकडाउन शुरू होने के बाद से ही ट्रांसपोर्टर लगातार विषम परिस्थितियों से जूझ रहे हैं। लॉकडाउन के दौरान काम के कम होने अथवा न होने पर भी गोदामों के किराए दिए, स्टाफ को तनख्वाह दी, लेबर को पैसे दिए और अपनी गाड़ियों की किश्तें तक भरी। अगर कोई किस्त भरने की स्थिति में नहीं था, तो उसे ब्याज पर ब्याज दंड भोगना पड़ा। केंद्र सरकार ने सभी वर्गों को किसी न किसी प्रकार से छूट अथवा राहत दी लेकिन ट्रांसपोर्ट व्यवसाय के हिस्से में कुछ नहीं आया। बल्कि उल्टे इस बीच टोल टैक्स की दरों में वृद्धि और कर दी गई। जो गाड़ी मालिक लॉकडाउन के दौरान रोड टैक्स जमा नहीं कर पाए थे उनको रोड टैक्स में छूट देने की बजाय उन पर पेनल्टी लगाई जा रही है। वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में भारी गिरावट होने के बावजूद सरकार द्वारा डीजल के रेट कम करने की जगह दिन पर दिन बढ़ाए जा रहे हैं। पिछले लगभग तीन सप्ताह से डीजल के दामों में रोजाना बढ़ोतरी हो रही है। देशभर के ट्रांसपोर्टर इसका विरोध भी जता रहे हैं लेकिन सरकार द्वारा इस और कोई भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में ट्रांसपोर्टर्स पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ और नुकसान बढ़ता ही जा रहा है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि इन परिस्थितियों में माल भाड़े बढ़ाने के सिवाय कोई और रास्ता नहीं रह जाता। एक जुलाई से वर्तमान माल भाड़ों में 20 प्रतिशत की वृद्धि के साथ बुकिंग ट्रांसपोर्टर्स करेंगे। ---- उद्योगों पर दोहरी मार: पेट्रोल-डीजल के बाद माल भाड़ा बढ़ने से उद्योगों पर दोहरी माल पड़ने वाली है। जिला गाजियाबाद यांत्रिकी उत्पादन का देश का बड़ा केंद्र है। लोहे और स्टील के हर ट्रेड की मशीनें, पार्ट्स सहित अन्य उत्पादों को यहां से तैयार कर भेजा जाता है। उद्योगों को कच्चा माल खरीदने और उत्पाद को भेजने पर अतिरिक्त भाड़ा देना होगा। इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन का अनुमान है कि जिले में भाड़ा वर्धि होने से 27000 से अधिक उद्योगों पर 165 करोड़ का अतिरिक्त भार पड़ेगा। इसके अलावा कृषि उत्पादन भी महंगा होगा और रोजमर्रा की वस्तुएं लोगों की जेब का बोझ बढ़ाएंगी। --- जिले में ट्रांसपोर्ट कंपनी-215 पेट्रोल का रेट- 80.91 प्रति लीटर डीजल का रेट- 72.32 प्रति लीटर --- सप्ताह भर में बढ़ गए रेट: जिले में सप्ताह भर में पेट्रोल और डीजल के रेट बढ़े हैं। पेट्रोल के पिछले दिनों 73.31 प्रति लीटर का रेट था जो अब 80.91 प्रति लीटर है। इसी तरह करीब 63 रुपए प्रति लीटर से रेट 73.32 रुपए हो गया। ---- ट्रांसपोर्टर्स के पास माल भाड़ा बढ़ाने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। पेट्रोल और डीजल के दामों के नियंत्रित होने के बाद आगे की रणनीति बनेगी। - अजय पाठक, अध्यक्ष गाजियाबाद महानगर गुड्स ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन ---- लॉकडाउन के समय से ही ट्रांसपोर्ट कंपनियां परेशानी झेल रही हैं। कई कंपनियां बंदी के कगार पर हैं। हमारी मांग है कि ट्रांसपोर्टर्स के लिए भी पैकेज की घोषणा की जाए। - आशीष मैत्रेय, वरिष्ठ उपाध्यक्ष गाजियाबाद महानगर गुड्स ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन ---- उद्योगों के लिहाज से मुश्किल वक्त है। उद्योग बाजार से डिमांड आने का इंतजार कर रहे हैं। पेट्रोल-डीजल के बाद माल भाड़ा बढ़ने से निश्चित तौर पर मुश्किल होगी। - राजीव अरोड़ा, महासचिव इंडस्ट्रियल एरिया मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन, बीएसआर रोड ---- पेट्रोल और डीजल के रेट लगातार बढ़ रहे हैं जबकि पेट्रोल पंप संचालकों के कमीशन नहीं बढ़ाया गया। अभी भी करीब 3 रुपए कमीशन संचालकों को मिल रहा है जबकि प्रति लीटर करीब 10 रुपए का खर्चा संचालक अपनी जेब से कर रहे हैं। - जयवीर सिंह, अध्यक्ष जिला पेट्रोलियम एसोसिएशन गाजियाबाद
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