गाजियाबाद। जीएसटी कानून लागू होने के शुरूआती वर्ष 2017-18 और 2018-19 में व्यापारियों से रिटर्न दाखिल करने में हुई मामूली त्रुटियों के राज्यकर विभाग की ओर से भेजे जा रहे नोटिसों पर व्यापारियों ने विरोध जताया है। उन्होंने कलक्ट्रेट पहुंच वित्तमंत्री के नाम सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा।
उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिला अध्यक्ष प्रेमचंद गुप्ता ने बताया कि वर्ष 2017-18 और 2018-19 में जीएसटीआर-2ए व जीएसटीआर -2बी पोर्टल पर चालू नहीं था। सिर्फ 3बी रिटर्न फाइल हो सकती थी, जिस वजह से व्यापारी खरीद के बिल पोर्टल पर चेक नहीं कर सकता था।
खरीद के वास्तविक बिलों के आधार पर 3बी फाइल कर आईटीसी क्लेम की जाती थी। इस कारण आईटीसी मिसमैच हो रही थी। अधिकांश मामलों में मामूली टैक्स का अंतर होने पर भी धारा 73 के तहत व्यापारियों को बड़ी संख्या में नोटिस भेजे जा रहे हैं। उनसे टैक्स की रकम के साथ-साथ 18 फीसदी ब्याज की मांग भी नोटिस में भेजी जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्यकर विभाग की ओर से व्यापारियों पर ब्याज न लगाया जाए, सिर्फ आईटीसी मिसमैच वाले मामलों में टैक्स के अंतर की रकम जमा करा ली जाए। इस दौरान महेन्द्र कुमार गुप्ता, मनीष गोयल,
राजकुमार गोयल, आरपी जैन, अतुल गर्ग, राजेश्वर दयाल जिंदल, सुधीर कुमार मौजूद रहे।