गाजियाबाद। साइबर अपराधियों के जाल में फंसाकर प्रोफेसर और चिकित्सक समेत तीन लोग अपनी कमाई में से 57 लाख रुपये गंवा बैठे। शातिरों ने तीनों को मोटी कमाई का लालच दिया था। इसके बाद उनसे रकम जमा कराते रहे। तीनों को ठगी का अहसास देर से हुआ। तब तक बैंक खाते में से मोटी रकम जा चुकी थी। इसके बाद साइबर थाने में केस दर्ज कराया। पुलिस अब साइबर ठगों की पहचान करने का प्रयास कर रही है।
शेयर में निवेश के नाम पर की प्रोफेसर के साथ ठगी
36 लाख जमा कराए खाते में शातिरों ने
कविनगर निवासी प्रोफेसर नरीन गौतम से शातिर साइबर अपराधियों ने 36 लाख रुपये की ठगी की। उनसे यह रकम छह बार में बताए गए खाते में जमा कराई गए। उन्होंने एफआईआर में इस ठगी के बारे में बताया कि इंटरनेट पर शेयर ट्रेडिंग के एक एप की जानकारी हुई थी। उसे डाउनलोड कर डीमैट एकाउंट बनाया और शेयर ट्रेडिंग शुरू कर दी। उन्हें मालूम नहीं था कि वह जाल में फंस चुके हैं। ठगों ने अपर सर्किट शेयर के साथ कंपनी के आईपीओ दिलाने का लालच दिया। इसके लिए दो लाख रुपये निवेश के लिए कहा। वह झांसे में आ गए।
शातिरों ने उनका एक डिजिटल अकाउंट बना दिया था। इसमें निवेश की गई रकम के साथ मुनाफा नजर आता रहा। शातिर उनसे और रकम निवेश करने के लिए कहते गए और वह बताए गए खाते में जमा कराते गए। छह बार में उनका बैंक खाता खाली हो गया। इसके बाद भी शातिर और निवेश के लिए कहते रहे। डिजिटल अकाउंट से रकम निकालनी चाही तो पता चला कि यह सिर्फ आभासी खाता है, इसमें से कुछ निकल नहीं सकता। तब जाकर ठगी का अहसास हुआ और केस दर्ज कराया।
टास्क पूरा करने का लालच
देकर खाली कर दिया खाता
साहिबाबाद के डीएलएफ निवासी ब्रजराज के साथ 18 लाख रुपये की ठगी की गई। उन्हें साइबर अपराधियों ने दिया गया टास्क पूरा करने पर मोटी कमाई होने का लालच दिया था। उन्हें इसकी जानकारी सोशल मीडिया से हुई थी। इसे सच मानकर उन्होंने दिए गए लिंक पर क्लिक किया। इससे उन्हें टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ दिया गया। उनसे कहा गया कि बताई गई कंपनी के शेयर का बिडिंग करनी है। इससे कंपनी को फायदा होता है। इसके बदले उन्हें रकम दी जाएगी। वह झांसे में आ गए। इसके बाद उन्हें कंपनी में निवेश करने पर और ज्यादा कमाई का लालच दिया गया। उन्होंने शातिरों की बात मान ली और निवेश समझकर 18 लाख रुपये खाते में जमा करा दिए। इसके बाद अहसास हुआ कि वह ठगी का शिकार हो गए हैं।
एप डाउनलोड कराकर खाते से निकाली रकम
तीन लाख रुपये की ठगी हुई चिकित्सक के साथ
डाॅ. रीना अग्रवाल ने घंटाघर कोतवाली में तीन लाख की साइबर ठगी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसमें उन्होंने बताया है कि उन्हें व्हाट्सएप पर एक मैसेज मिला था। इसमें लिंक दिया था। इसे क्लिक करने पर निवेश करके मोटी कमाई होने की बात लिखी मिली। उस पर भरोसा करके उन्होंने एप डाउनलोड कर लिया। ठगों ने उनको कई ग्रुप में भी जोड़ दिया। ठगों के खाते में उन्होंने तीन लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसी दौरान उनको ठगी का अहसास हो गया।
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मकान बेचने के नाम पर 20 लाख हड़पे
गाजियाबाद। दिल्ली की झिलमिल कॉलोनी निवासी कालका सिंह ने बताया कि सितंबर 2023 में उनकी मुलाकात राजनगर निवासी जसप्रीत सिंह से एक परिचित के माध्यम से हुई थी। इन लोगाें ने कहा कि उनको अपने राजनगर स्थित मकान का अगला भाग बेचना है। करीब ढाई सौ वर्ग गज रकबे का सौदा एक करोड़ में तय हो गया। इसके बाद उन्होंने 20 लाख रुपये पहले दे दिए। इन लोगों ने इकरारनामा करने के बाद बैनामे की तारीख निश्चित कर दी, लेकिन बैनामा के दिन नहीं आए। जब उनसे कहा गया तो बहानेबाजी करने लगे। रुपये मांगने पर आरोपियों ने जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद उन्होंने पुलिस आयुक्त से कार्रवाई की गुहार लगाई। पुलिस आयुक्त ने जसप्रीत, हरप्रीत, परमजीत के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए। पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी। इस बारे में एसीपी अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि जांच कराई जा रही है।