गाजियाबाद। एमएमजी अस्पताल में इलाज कराने के लिए मरीज सुबह सात बजे से ही लाइन में लग गए, लेकिन कई डॉक्टर देरी से पहुंचे तो तीन डॉक्टर अवकाश पर थे। डॉक्टरों की कमी से ओपीडी के बाहर काफी देर तक इंतजार करने के बाद कई मरीज वापस लौट गए। अस्पताल में सोमवार को 1829 नए मरीजों का पंजीकरण हुआ। इनमें 757 महिलाएं, 518 पुरुष और 272 बच्चे थे। 372 मरीज बुखार से बीमार थे। इसके अलावा 1260 पुराने मरीज इलाज कराने पहुंचे।
रविवार को अस्पताल बंद होने से सोमवार को मरीजों की संख्या अधिक थी। ओपीडी खुलने का समय सुबह आठ बजे का था, लेकिन मरीजों की लाइन सुबह सात बजे से ही लग गई थी। अधिकांश डॉक्टर नौ बजे के बाद ही ओपीडी में पहुंचे। हड्डी रोग विभाग, दंत रोग में डॉक्टर सुबह 9:30 बजे पहुंचे, जबकि फिजिशियन की ओपीडी दस बजे से शुरू हुई। वहीं, त्वचा रोग की एक ओपीडी, जनरल सर्जन और मानसिक प्रकोष्ठ विभाग में काउंसिलिंग विभाग की ओपीडी में पहुंचने के बाद मरीज वापस लौट गए। इन विभागों में डॉक्टर अवकाश पर थे। जनरल सर्जन ओपीडी में दो डॉक्टर हैं। एक की ड्यूटी ऑपरेशन में रहती है तो दूसरे डॉक्टर ओपीडी में बैठते हैं। एक सर्जन अवकाश पर थे, जबकि दूसरे ऑपरेशन थिएटर में चले गए थे। इस कारण से ओपीडी में आए मरीजों को वापस लौटना पड़ा।
पेट में कई दिन से दर्द, नहीं मिले डॉक्टर
सुदामापुरी से आए राजेश कुमार ने बताया कि कई दिनों से पेट में दर्द हो रहा है। एक डॉक्टर को दिखाया था तो उन्होंने बताया था कि पथरी की शिकायत हो सकती है, एमएमजी अस्पताल में दिखाने की सलाह दी थी। यहां पर डॉक्टर ही नहीं हैं। राजेश का कहना था कि कंपनी से छुट्टी करके आया था। एक दिन की तनख्वाह भी कट जाएगी। राजेश का कहना था कि मंगलवार को आने के लिए कहा है।
सात बजे से लाइन, 10 बजे डॉक्टर ने देखा
शालीमार गार्डन के जनकपुरी से आईं अनीता ने बताया कि कई दिन शरीर में दर्द और बुखार है। दवाई लेने के बाद कुछ देर आराम रहता है, इसके बाद फिर वही परेशानी शुरू हो जाती है। जांच कराने के लिए अस्पताल में बेटा सुबह सात बजे छोड़ गया था। पर्चा बनवाने के बाद दस बजे डॉक्टर ने देखा। अनीता ने बताया कि आठ बजे पर्चा काउंटर खुला, उसके बाद डॉक्टर को दिखाने के लिए लाइन में लगी थी।
शाम छह बजे तक अस्पताल में रहते हैं डॉक्टर
अस्पताल के सीएमएस डॉ. राकेश कुमार सिंह ने बताया कि सर्जन डॉ. मिलिंद रविवार को वीआईपी ड्यूटी में थे, इसलिए उन्होंने सोमवार को अवकाश लिया था। त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. दिव्या 19 तक अवकाश पर हैं। क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ. चंदा इमरजेंसी में अवकाश लिया था। सीएमएस ने बताया कि कई डॉक्टर अस्पताल में छह बजे तक अस्पताल रहते हैं, इस कारण से ओपीडी में समय से आने में देरी हो रही है। सभी को निर्देश दिया गया है कि समय से पहुंचे।
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