- सिंह लग्न में होलिका पूजन सर्वश्रेष्ठ
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। होलिका पूजन के लिए लोगों ने तैयारी कर ली है। चौक-चौराहों और सोसायटियों में लोगों ने होलिक पूजन और दहन के लिए लकड़ियों और उपलो की होली सजा दी है। रविवार को होलिका पूजन और 25 को यानी सोमवार को रंग खेला जाएगा। ज्योतिषाचार्य शिवकुमार शर्मा ने बताया कि इस अलग-अलग समय पर तीन मुहूर्त हैं। ये मुहूर्त सुबह और दोपहर में है।
इस वर्ष फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा 24 मार्च सुबह 9:55 से शुरू हो रही है। अगले दिन 25 मार्च को दोपहर 12:29 बजे तक रहेगी। सुबह 7:33 बजे तक पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में छत्र बन रहा है। इसके पश्चात उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र मित्र योग बनाएगा। सर्वार्थ सिद्धि योग पूरे दिन रहेगा। होलिका दहन से पहले रात्रि 8: 28 बजे से रवि योग भी आ जाएगा। छत्र योग, मित्र योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग इस बार होलिका पर्व को विशिष्ट बना रहे हैं। भद्रा 24 मार्च को सुबह 9:55 बजे से रात्रि 11:12 तक रहेगी। इसलिए होलिका दहन रात 11: 12 बजे के बाद होगा।
होलिका पूजन का विधान
पंडित शिव कुमार ने बताया कि माताएं अपने संतानों की लंबी आयु और स्वास्थ्य की कामना के लिए होली का पूजन करती हैं। मान्यता है कि जैसे भगवान विष्णु होलिका के षड्यंत्र से प्रहलाद की रक्षा की थी, इसी प्रकार होली के दिन होलिका का पूजन करने से संतान के कष्टों का निवारण होता है।
होलिका पूजन के शुभ मुहूर्त
होलिका पूजन के लिए सुबह 8:58 बजे से 10:52 तक वृषभ लग्न ( स्थिर लग्न)।
11:36 से 12:24 बजे तक अभिजीत मुहूर्त
दोपहर 3: 26 से 5:00 बजे तक स्थिर लग्न (सिंह लग्न) में होलिका पूजन का श्रेष्ठ मुहूर्त है।
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होलिका दहन का मुहूर्त
रात 11: 12 बजे से मध्यरात्रि तक