साहिबाबाद। हमें सांप्रदायिक कहने वाले गलत हैं, ऐसे लोग, संस्था, राजनीतिक पार्टी व आलोचकों को आज के हिंदुस्तान को समझना होगा। हाल में हुए रूस यूक्रेन व इजरायल-हमास युद्ध में भारत ने आतंकी हमले की निंदा की और युद्ध से प्रभावित क्षेत्रों में मदद भेजी। कोरोना काल में निशुल्क वैक्सीन देकर मदद की और मानवता का उदाहरण दिया। यह बातें आरएसएस कार्यकारिणी सदस्य व मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के मार्गदर्शक डाॅ. इंद्रेश कुमार ने कैलाश मानसरोवर भवन में राष्ट्रीय मुस्लिम मंच की ओर से आयोजित दो दिवसीय आओ जड़ों से जुड़ें कार्यशाला में कहीं। सभी मजहबों से मिलझुल कर रहने की अपील की। कॉन्फ्लिक्ट मैनेजमेंट, यूसीसी, वतनपरस्ती और भारत को विश्वगुरु बनाने पर जोर दिया।
डाॅ. इंद्रेश कुमार ने कहा कि भारत देश हमेशा शांति और मानवता का समर्थक रहा है और आतंकवाद का विरोधी है। गाजा में मदद भेजने की लोगों ने आलोचना की लेकिन भारत ने मदद भेजकर मानवता की मिशाल पेश की। इसी तरह का काम कोरोना काल में निशुल्क वैक्सीन देकर किया। जी20 बैठक की अध्यक्षता करते हुए सभी सदस्य देशों ने अफ्रीकन यूनियन के प्रस्ताव को स्वीकार किया। विश्व पटल पर अधिकांश देश मान रहे हैं कि भारत देश ही शांति का मार्ग हो सकता है। भारत में सभी मजहबों का सम्मान है लेकिन कोई देश में अमानवीय काम करता है और करेगा तो उसके कदम की भी निंदा ही होगी।
हम सभी का प्रयास होना चाहिए कि भारत का हर आदमी अच्छा बने। हमारा देश प्रदूषणमुक्त हो, देशवासी प्यार करने वाला हों, सभी का नजरिया मानवीयता वाला हो। सभी मजहबों में दोस्ती हो। इससे सभी को तालीम और तरक्मी मिल सकेगी। हम सभी ने भारत को टूटते हुए सुना है लेकिन अब सब मिलकर देश को जोड़ सकते हैं। उन्होंने देश के सभी प्रांतों से आए लोगों से जाति, भूगोल, गांव, मोहल्ले में जाकर संवाद करने की अपील की, जिससे सद्भावना की दिवाली, ईद और क्रिसमस मनाया जा सके। वहीं मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद अफजल ने यह तेरा है यह मेरा है करने वालों को नसीहत देते हुए कहा कि सभी मजहबों को मिलजुल कर रहना चाहिए। सभी के साथ चलने से देश आगे बढ़ेगा।
20 फरवरी से शुरू हो जाएगी राम मंदिर यात्रा
डाॅ. इंद्रेश कुमार ने बताया कि अयोध्या में भव्य रामलला की मूर्ति विराजमान होने से पहले मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने राम मंदिर यात्रा करने का निर्णय लिया था। हाल में 300 मुस्लिम दर्शन कर चुके हैं। 20 फरवरी से उन्नाव, चित्रकूट, झांसी, राजस्थान व अन्य प्रांतों से लोग राम मंदिर जाएंगे। इनमें पैदल, साइकिल, स्कूटर, बाइक, कार से लोग पहुंचेंगे। राम मंदिर यात्रा करने वालों के संकल्प के पीछे मंशा यह है कि सभी लोग राष्ट्रीय दृष्टि से एक हैं।