दुहाई डिपो पहुंची छह कोच की तीसरी रैपिड रेल
मेरठ/गाजियाबाद। मुख्य ट्रायल रन की तैयारियाें के बीच छह कोच की तीसरी रैपिड रेल दुहाई डिपो पहुंच गई है। गुजरात के सांवली स्थित एल्सटॉम प्लांट से तीसरी रैपिड रेल के छह कोच को सड़क मार्ग से बड़े ट्रेलरों के जरिये लाया गया। ट्रेन के आने के बाद बृहस्पतिवार को सभी कोच को पटरी पर उतारने के साथ जोड़ दिया गया है। ऐसे में तीसरी रैपिड रेल तकनीकी ट्रायल रन के लिए तैयार हो गई है।
साहिबाबाद से दुहाई के बीच 17 किमी लंबे प्राथमिकता खंड का दिसंबर में मुख्य ट्रायल रन की तैयारियों के बीच नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन को बड़ी सफलता मिली है। पहले खंड में निर्माण संबंधी कार्य के साथ पटरियों को बिछाने, ओवर हेड इक्विपमेंट और सिग्नलिंग का काम लगभग पूरा हो चुका है। अब साहिबाबाद, गुलधर, दुहाई, मेरठ रोड तिराहा स्टेशन में लिफ्ट, स्वचालित सीढ़ियां (एस्केलेटर), प्लेटफार्म स्क्रीन डोर के साथ फिनिशिंग का काम तेज गति से जारी है।
दुहाई डिपो में तकनीकी ट्रायल हैं जारी
एनसीआरटीसी की ओर से वर्तमान में दुहाई डिपो में दोनों रैपिड रेल के तकनीकी ट्रायल (डायनामिक व स्टेटिक टेस्टिंग) जारी हैं। दुहाई डिपो में तैयार 700 मीटर के टेस्टिंग रनिंग ट्रैक पर लगातार तकनीकी परीक्षण कर कोच, सिग्नलिंग और विद्युत सप्लाई प्रणालियों को जांचा जा रहा है। तकनीकी ट्रायल की श्रेणी में अब तीसरी ट्रेन भी शामिल हो जाएगी।
डिपो के नीचे बनाया अंडरपास, ट्रेनों के लिए शेड तैयार
दुहाई डिपो के आसपास दुहाई, भिक्कनपुर सहित एक दर्जन से अधिक गांव पड़ते हैं। आसपास के गांवों के लोगों की बिना रुकावट आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए एनसीआरटीसी की ओर से डिपो लाइन के नीचे अंडरपास बनाया गया है, जो कि ऑपरेशनल हो गया है।
जुलाई 2021 में पहले कोच का शुरू हुआ था निर्माण
दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ तक प्रस्तावित 82 किमी लंबे रैपिड रेल कॉरिडोर में 30 ट्रेनें दौड़ेंगी। इनमें पहले खंड में 13 ट्रेन शामिल हैं। रैपिड की सभी रेल कोच गुजरात सावली में एल्सटॉम प्लांट में तैयार किए जा रहे हैं। रैपिड रेल के पहले कोच का निर्माण कार्य 15 जुलाई 2021 को प्लांट में शुरू हुआ था। 11 माह के रिकॉर्ड समय में छह कोच का पहला रेल सेट तैयार हुआ। ऐसे में जून से लेकर अब तक छह-छह कोच के तीन रैपिड रेल सेट दुहाई डिपो पहुंच चुके हैं।
प्रवेश-निकास द्वार को दिया जा रहा अंतिम रूप
एनसीआरटीसी के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पुनीत वत्स का कहना है कि स्टेशनों को जोड़ने वाले प्रवेश और निकास द्वार को अंतिम रूप दिया जा रहा है। स्टेशनों पर फिनिशिंग का कार्य तेज गति से जारी है।