संवाद न्यूज एजेंसी
गाजियाबाद। परिवार परामर्श केंद्र में कई मामले ऐेसे आए, जिनमें दो बहनों की शादी एक ही घर में हुई। एक बहन अपने पति से झगड़ा करके मायके आ गई तो दूसरी ने भी सुसराल जाने से मना कर दिया। परिवार परामर्श केंद्र प्रभारी नेहा चौहान ने बताया कि पिछले एक हफ्ते में तीन-चार मामले ऐसे आए हैं। मामलों की काउंसिलिंग कर दोनों पक्षों को समझाने की कोशिश की गई।
केस 1
विजयनगर निवासी महिला और उसकी बहन की शादी एक ही घर के दो भाइयों से हुई। एक बहन का अपने पति से झगड़ा हुआ तो दूसरी ने भी सुसराल जाने से मना कर दिया। महिला ने कहा कि जब तक मेरी बहन नहीं जाएगी मैं भी सुसराल नहीं जाऊंगी। परिवार परामर्श केंद्र में महिला के पति ने मामला दर्ज कराया कि उसकी पत्नी मायके से नहीं आ रही है। मामले की काउंसिलिंग की गई तो महिला ने बताया कि उसकी बहन का अपने पति से विवाद हो गया है। जब तक बहन नहीं जाएगी वो भी सुसराल नहीं जाएगी। मामले की सुनवाई काउंसलर ज्योति गुप्ता, शुभम और बबीता यादव ने की। उन्होंने महिला को समझाने की कोशिश की लेकिन महिला समझने को तैयार नहीं हुई। दोनों को काउंसिलिंग की अगली तारीख दी गई है।
केस 2
खोड़ा निवासी दो बहनों की शादी एक ही घर में की गई, जिसमें से एक महिला ने मामला दर्ज कराया कि उसका पति उसे मायके से लेने नहीं आ रहा है। मामले की काउंसिलिंग की गई तो पति ने बताया कि मैं लेने गया था लेकिन पत्नी ने आने से मना कर दिया। उसने बताया कि पत्नी ने जिद पकड़ ली है कि अपने भाई के साथ मुझे मायके से लेने आएं और मेरी बहन को भी लेकर जाए। उसने कहा कि वो उनका निजी मामला है उसके चक्कर में हम अपना घर क्यों बर्बाद करें। महिला को समझाया गया और समझौते के लिए मनाया गया। इस पर महिला ने सोचने के लिए एक और तारीख मांगी है।