दुहाई और मेरठ रोड तिराहा स्टेशन का काम पीछे
रैपिड रेल के दुहाई और मेरठ रोड तिराहा (गाजियाबाद) स्टेशन का अभी करीब पांच फीसदी कार्य बचा है। दुहाई स्टेशन में मेरठ की ओर जाने वाले मार्ग में बनाए जा रहे प्रवेश-निकास मार्ग का निर्माण कार्य अधूरा है। इसे पूरा होने में तीन से चार सप्ताह का समय लग सकता है। वहीं यहां स्वचालित सीढ़ियों का काम अधूरा है। स्टेशन के दूसरे प्रवेश-निकास द्वार और स्टेशन के अंदर फिनिशिंग का काम अधूरा है। वहीं मेरठ रोड तिराहा स्टेशन में काम पीछे चल रहा है। यहां फिनिशिंग का काम सबसे पीछे हैं। स्टेशन में स्वचालित सीढ़ियों को लगाने का काम जारी है। स्टेशन में कई प्रवेश निकास द्वार का निर्माण होना है, लेकिन अभी केवल एक प्रवेश निकास द्वार पर कार्य तेज गति से चल रहा है। स्टेशन के अंदर फिनिशिंग का काम होना बाकी है।
तीन स्टेशनों का काम लगभग पूरा होने की ओर
एनसीआरटीसी की ओर से साहिबाबाद, गुलधर और दुहाई डिपो के काम को तेजी से पूरा किया गया है। इन तीनों स्टेशनों पर निर्माण संबंधी कार्य लगभग पूरे हो चुके हैं। प्रवेश-निकास द्वार का काम भी पूरा होने को हैं। गुलधर स्टेशन में फिनिशिंग का काम तेजी से चल रहा है। गुलधर की ओर प्रवेश निकास द्वार लगभग तैयार हो गया है। वहीं दूसरी ओर स्वचालित सीढ़ियां को लगाया जाना बाकी है। साहिबाबाद स्टेशन में वसुंधरा की ओर से आने जाने को बनाए गए फुटओवर ब्रिज का काम पूरा हो गया है। अब स्टेशन के अंदर बाहर फिनिशिंग के कार्य को तेजी से पूरा किया जा रहा है। इकलौता दुहाई डिपो स्टेशन लगभग तैयार हरे गया है। यहां प्लेटफार्म स्क्रीन डोर भी लग चुके हैं।
रूट सेफ्टी क्लीयरेंस मिलना बाकी
काम अधूरा होने के साथ रैपिड रेल के संचालन की मुख्य बाधा रूट सेफ्टी क्लीयरेंस की है। रैपिड रेल के एलिवेटेड ट्रैक पर सिग्नल, प्लेटफार्म स्क्रीन डोर सहित अन्य तकनीकी कार्यों से एनसीआरटीसी की ओर से आश्वस्त होने के बाद कमिश्नर फॉर मेट्रो रेलवे सेफ्टी की ओर से निरीक्षण का कार्य शुरू किया जाएगा। ऐसे में रेलवे सेफ्टी निरीक्षण और हरी झंडी मिलने में एक माह का वक्त लग सकता है।
हर बिंदु की बारीकी से हो रही जांच
एनसीआरटीसी के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पुनीत वत्स का कहना है कि 82 किमी लंबे कॉरिडोर में 14 हजार से अधिक मजदूर और 1100 इंजीनियर की टीम दिनरात जुटी है। रैपिड रेल का हाईस्पीड पूरा सिस्टम देश में नया है। ऐसे हर बिंदु की बारीकी से जांच जारी है। प्रयास जल्द प्राथमिकता खंड को शुरू करने की है।