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Ghaziabad News: जिले की सड़कों पर 24 जगह हादसा होने का खतरा ज्यादा

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गाजियाबाद। जिले की सड़कों पर 24 जगह ऐसी हैं, जहां बार-बार हादसे हो रहे हैं। इनमें लोगों की जान भी जा रही है। यातायात पुलिस ने पिछले तीन साल के हादसों के आंकड़ों के आधार पर इन सभी जगह को ब्लैक स्पाॅट के रूप में चिन्हित किया है। इनमें दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर दो, एनएच-9 पर आठ और मेरठ रोड पर छह जगह चिन्हित की गई हैं। यहां हादसे रोकने के लिए उपाय भी बताए गए हैं। ब्लैक स्पाॅट की सूची एनएचएआई, पीडब्ल्यूडी और नगर निगम को भेजी गई है।
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एडीसीपी यातायात पीयूष सिंह ने बताया कि अगस्त 2023 से जुलाई 2024 तक हुए हादसों का आंकलन करने पर इन्हें ब्लैक स्पॉट घोषित किया है। इनमें कई स्थान ऐसे हैं जहां कई हादसे हो चुके हैं। जिस स्थान पर पिछले तीन सालों में तीन से ज्यादा हादसे हुए हों या फिर एक या दो हादसों में तीन या इससे अधिक लोगों की जान गई हो, उसे ब्लैक स्पाॅट के रूप में चिन्हित किया जाता है। पुलिस की टीम ब्लैक स्पाॅट का सर्वे करती है। इसमें हादसे की वजह मालूम की जाती है। साथ ही हादसे रोकने के लिए उपाय खोजे जाते हैं।



ये बनाए गए ब्लैक स्पॉट



दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे
1.भोजपुर कट से अमराला गांव तक
2. रेस्ट एरिया (हवा-हवाई रेस्तरां) के सामने



एनएच-नौ
सुंदरदीप कॉलेज के सामने,
खोड़ा/गौर ग्रीन
आईपीईएम कॉलेज के पास
तिगरी कट के पास,
एबीईएस कॉलेज के पास,
लालकुआं के पास,
महादेव चौक,
वेव सिटी के पास,
ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे
कपड़ा मार्केट डासना,
दुहाई कट,
आरआरटीएस यार्ड के सामने,
ग्राम रेवड़ा-रेवड़ी,
एनएच-58(मेरठ रोड)
निवाड़ी रोड राजचौपला,
मनौटा से एचएलएम तक,
मोरटा,
नेक्सा कार शोरूम के पास,
हिंडन नदी, साहिबाबाद रेलवे स्टेशन मोड़,
आरडीसी राजननगर,
लिंकरोड (यूपी गेट से मोहननगर तक) पर डाबर तिराहा,
थाना लिंकरोड कट से क्लब-5 तक,
एनएच-709बी
डीएलएफ अंकुर विहार के सामने (बागपत रोड) एवं ग्रीन गार्डन रिसोर्ट के सामने।





प्रमुख ब्लैक स्पाॅट और कारण
1. दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर रेस्ट एरिया के सामने रखे हवाई जहाज को देखने के दौरान वाहनों चालकों का ध्यान भटकने से हादसा होना। यहां एक साल में पांच हादसे हुए हैं। यहां पर व्यू कटर, दुर्घटना संभावित क्षेत्र का साइनेज बोर्ड, नो पार्किंग का बोर्ड और प्रकाश की व्यवस्था कराना जरूरी है।
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2. सुंदरदीप कॉलेज के सामने हाईवे पर डिवाइडर पर ग्रिल न होने के कारण सड़क पार करने के दौरान दुर्घटनाएं होती हैं। यहां एक साल में दो हादसे हो चुके हैं। यहां ग्रिल लगाया जाना जरूरी है।

3. तिगरी कट के पास अलग-अलग दिशा से वाहनों के आने व जाने के कारण हादसे हो रहे हैं। यहां एक साल में छह हादसे हो चुके हैं। यहां सर्विस रोड के बने कट को बंद करके मुख्य मार्ग पर यातायात को नियंत्रित करके और टेबल टॉप ब्रेकर बनाने से हादसे रोके जा सकते हैं।

4. लालकुआं के पास हाईवे पर वाहन खड़ा करके सवारी भरने, एक्सप्रेसवे पार करने के दौरान और बाजार होने व भारी वाहनों का संचालन होने से हादसे हो रहे हैं। यहां नौ हादसे हो चुके हैं। यहां पर एक्सप्रेसवे पर दोनों ओर ग्रिल लगाकर, नो पार्किंग बोर्ड लगाकर और जीटी रोड से अतिक्रमण हटवाकर हादसे रोके जा सकते हैं।

5. हिंडन नदी के पास यू टर्न न होने कारण हादसे हो रहे हैं। यहां तीन हादसे हो चुके हैं। यहां पर स्पीड लिमिट, दुर्घटना संभावित क्षेत्र का साइनेज बोर्ड लगाकर और यातायात लाइट ब्लिंकर लगाकर हादसे रोके जा सकते हैं।
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