गाजियाबाद। शासन और सीएमओ के निर्देश के बावजूद संजय नगर स्थित संयुक्त अस्पताल में गर्मी और लू लगने पर उपचार के इंतजाम नहीं किए गए हैं। निर्देश के पालन में वार्ड रिजर्व कर दिया गया है। मरीज भी भर्ती हो रहे हैं, लेकिन अस्पताल के किसी वार्ड में कूलर, एयर कंडीशनर की व्यवस्था नहीं की गई है। मरीज वार्ड की खिड़कियां खोलकर गर्मी से राहत पाने की कोशिश कर रहे हैं। जिन वार्ड में कूलर लगे हैं, उनकी मोटर गायब है। इस कारण से वार्ड में भर्ती मरीज रात में गर्मी से राहत पाने के लिए इमरजेंसी वार्ड में जाकर सो रहे हैं।
इस बार गर्मी शुरू होने से पहले ही शासन स्तर से हीट वेव (लू) से बचाव के लिए गाइड लाइन जारी किया था। सीएमओ स्तर से भी निर्देश में कहा गया है कि हीट वेव से बचाव के लिए दवाई, वार्ड में मरीजों को भर्ती करने के इंतजाम पर्याप्त रूप से किए जाएं। इसके बावजूद संयुक्त अस्पताल में मरीजों को परेशानी हो रही है। वार्ड में दिखाने के लिए कूलर लगा है, लेकिन इसमें से मोटर और पंखुड़ी गायब है। वार्ड में सिर्फ पंखे लगे हैं। वार्ड में भर्ती मरीज सभी खिड़की खोलकर गर्मी से राहत लेने के लिए प्रयास कर रहे हैं। अस्पताल के किसी वार्ड में अभी तक न तो कूलर का इंतजाम है और न ही एयर कंडीशनर की व्यवस्था की गई है।
सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधार का कहना है कि संयुक्त अस्पताल के सीएमएस से स्पष्टीकरण मांगा गया है। अगर किसी तरह की तकनीकि समस्या है तो उसे दूर कराया जाएगा।
लू लगने के लक्षण
एमएमजी अस्पताल के फिजिशियन डॉ. आलोक रंजन का कहना है कि अचानक थकान महसूस हो रही है, तो यह लू लगने का लक्षण है। लू लगने पर भी बुखार जैसा महसूस होता है। सिर में दर्द, बेहोशी, चक्कर आना, उल्टी या दस्त, मांसपेशियों में ऐंठन की भी परेशानी बढ़ती है। हीटस्ट्रोक के कारण अचानक चक्कर आने या बेहोशी हो सकती है।
लू से बचाव के लिए इन बातों पर ध्यान दें
इस मौसम में घर को ठंंडा रखें और वेंटिलेशन का ख्याल रखें।
धूप में बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें। 12 से 3 के बीच बाहर निकलने से बचें।
कॉफी, चाय, एल्कोहल का सेवन गर्मी के मौसम में नहीं करना चाहिए।
धूप या गर्मी में आइसक्रीम, शीतल पेय लेने से बचें। इस आदत के कारण लू लग सकती है।
खाली पेट घर से बाहर न निकलें। लू से बचने के लिए खीरा-ककड़ी का सेवन करें। इसमें पानी की मात्रा ज्यादा होती है।
एसी की हवा से निकलकर तुरंत बाहर नहीं जाएं, घर या कार्यालय में आने पर तत्काल एसी चलाने से बचें।