गाजियाबाद। देश के पहले आरआरटीएस कॉरिडोर के एलिवेटेड और भूमिगत हिस्से को साहिबाबाद में जोड़ने का काम पूरा हो गया है। आनंद विहार दिल्ली की ओर से आकर नमो भारत ट्रेन वैशाली के पास एलिवेटेड ट्रैक पर पहुंच जाएगी। इसके लिए एनसीआरटीसी ने 600 मीटर लंबा रैंप बनाया है। 15 मीटर चौड़े इस रैंप पर अप और डाउन दोनों ओर से ट्रेनें चलेंगी।
दिल्ली से मेरठ तक 82 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर का 70 किलोमीटर हिस्सा एलिवेटेड है और 12 किलोमीटर भूमिगत है। दिल्ली में पांच किलोमीटर और मेरठ में सात किलोमीटर यह ट्रेन जमीन के अंदर दौड़ेगी। पहले चरण में साहिबाबाद से दुहाई डिपो तक ट्रेन का संचालन शुरू हो चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका शुभारंभ किया था। इसके बाद एनसीआरटीसी ने दुहाई से मेरठ साउथ तक और साहिबाबाद से सराय काले खां की ओर के सेक्शन पर भी निर्माण कार्य की रफ्तार बढ़ा दी है।
एनसीआरटीसी के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पुनीत वत्स ने बताया कि मेरठ की ओर से आकर वैशाली के पास नमो भारत ट्रेन अंडरग्राउंड सेक्शन में प्रवेश कर जाएगी। जमीन से करीब 15 मीटर ऊपर दौड़ती इस ट्रेन को भूमिगत सेक्शन में प्रवेश कराने के लिए 600 मीटर लंबा और 15 मीटर चौड़ा रैंप बनाया गया है। रैंप का निर्माण पूरा हो जाने के बाद अब इसमें ट्रैक बिछाने का काम शुरू किया जाएगा। यहां से यह ट्रेन भूमिगत सेक्शन पर ही गाजियाबाद को पार करके दिल्ली पहुंच जाएगी।
25 किलोमीटर के सेक्शन पर सिग्नल का काम अंतिम चरण में
एनसीआरटीसी ने दूसरे चरण में दुहाई से मेरठ साउथ तक 25 किलोमीटर लंबे सेक्शन पर ट्रेनों का ट्रायल शुरू कर दिया है। इस सेक्शन पर अब सिग्नल और स्टेशन के निर्माण का काम अंतिम चरण में पहुंच गया है। 25 किलोमीटर के इस सेक्शन पर चार स्टेशन बनाए गए हैं। एनसीआरटीसी के अधिकारियों का कहना है कि इस सेक्शन पर ट्रेनों के ट्रायल के दौरान अलग-अलग सिस्टम को मानकों पर परखा जा रहा है। सिग्नल का काम पूरा हो जाने पर स्पीड ट्रायल भी शुरू हो जाएंगे। मार्च में नमो भारत ट्रेनों का नियमित संचालन मेरठ साउथ स्टेशन तक शुरू हो सकता है।