गाजियाबाद। करीब डेढ़ महीना पहले विजयनगर थाने में दर्ज कराई गई एफआईआर से धारा-306 हटा दिए जाने पर बुधवार को बुलंदशहर की रहने वाली महिला और उनके परिजनों ने थाने पर धरना दिया। उन्होंने पुलिस पर मिलीभगत कर धारा हटाने का आरोप लगाया। इसके बाद उन्होंने डीसीपी नगर के कार्यालय पहुंच शिकायत की। डीसीपी निपुण अग्रवाल ने उन्हें एसीपी से जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
खुर्जा के गांव सनैता सफीपुर की रहने वाली महिला दीपशिखा का कहना है कि उसकी शादी 8 जुलाई 2022 को प्रताप विहार की टीचर्स कॉलोनी में रहने वाले वैभव राघव से हुआ था। शादी के बाद से ही ससुराल वालों ने उसे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया था। दीपशिखा के पिता धर्मवीर चौहान का कहना है कि वैभव राघव नशे का आदी था और पूर्व में उसे परिवार वाले उसे नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराकर इलाज करा चुके थे। यह बात उन्होंने छुपाई थी। शादी के बाद भी उसे नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि उन्होंने पांच अप्रैल 2023 को दीपशिखा अपनी ड्यूटी पर गई थी। इसी दौरान उसके ससुराल वालों ने उसके पति वैभव के साथ गाली-गलौज और मारपीट की थी। उसी दिन शाम चार बजे उसके पति ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। दीपशिखा का कहना है कि उन्होंने सुसराल वालों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस ने विवेचना के दौरान आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा हटा दी। उनका कहना है कि विजयनगर पुलिस निष्पक्ष जांच नहीं कर रही है। एसीपी निमिष पाटिल का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।