इंदिरापुरम। सीआईएसएफ कट के पास कार सवार शातिरों ने कोरियर बॉय बनकर आर्मी से सेवानिवृत्त हवलदार की 65 वर्षीय मां को चेकिंग से बचने का झांसा देकर तीन लाख के गहने व नकदी लेकर भाग गए। शातिरों ने उनका सामान पीले रंग के लिफाफे में रखवाकर उसे बदल दिया। घटना के बाद उन्हें हाइवे पर उतारकर भाग गए। इंदिरापुरम पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर हाइवे पर लगे सीसीटीवी कैमरे जांचने शुरू कर दिए हैं।
बुलंदशहर के जहांगीराबाद में सेवानिवृत हवलदार पिंटू सिंह पंवार ने बताया कि मां लता देवी दिल्ली आनंद विहार से घर लौट रही थीं। कौशांबी से धौलाना जाने वाली बस की जगह पर खड़ी होकर इंतजार कर रही थीं तभी एक शातिर पास आया और उनसे पूछा कि माता जी कहां जाना है। उन्होंने युवक को मसूरी जाने के बारे में बताया तो वह भी साथ जाने के लिए खड़ा हो गया। कुछ दूर बाद सफेद रंग की गाड़ी से दूसरा शातिर पहुंचा और 40 रुपये सवारी बताकर दोनों को बैठा लिया। आरोप है कि हाइवे पर पहुंचने पर पीछे सीट पर बैठे शातिर ने उन्हें ज्यादा गहने पहनने वालों को पुलिस चेकिंग में रोकने का डर दिखाया। इसके बाद उनसे तीन अंगूठी, सोने की चेन और छह हजार की नकदी पीले रंग के लिफाफे में रखवा दी। उन्हें विश्वास में लेने के लिए शातिर ने अपना सामान भी उसी लिफाफे में रख दिए।
सीआईएसएफ कट के पास पहुंचने पर चालक ने खुद को कोरियर बॉय बताकर इंदिरापुरम जाने की बात बोलकर उन्हें जबरन सड़क किनारे उतार दिया। इसके बाद दूसरे शातिर ने गहनों का लिफाफा बदल उन्हें कागजों से भरा लिफाफा थमा दे दिया। शातिरों के जाने के बुजुर्ग लता देवी ने उसे खोलकर देखा तो होश उड़ गए। उन्होंने बेटे को फोन कर पूरी घटना बताई। इंदिरापुरम एसीपी स्वतंत्र कुमार सिंह का कहना है कि हाइवे के कैमरे देखकर गाड़ी नंबर और शातिरों की पहचान कर रहे हैं। दोनों को जल्द पकड़ लिया जाएगा।