गाजियाबाद। साइबर अपराध का गिरफ्तारी का भय दिखाकर वसूली करने यानी डिजिटल अरेस्ट से भी ज्यादा डरावना मामला सामने आया है। शहर में इस तरह का यह पहला केस है। इसमें साइबर अपराधियों की धमकी से भयभीत होकर सिहानी गेट क्षेत्र की 12वीं की छात्रा प्रिंसी कक्कड़ घर छोड़कर ही चली गई।
शातिरों ने पहले टास्क देकर उनसे एक हजार रुपये अपने खाते में जमा कराए। इसके बाद और रकम नहीं मिली तो जेल भिजवाने की धमकी देकर खौफजदा कर दिया। बुरी तरह सहमी प्रिंसी मोबाइल फोन स्विच आफ करके पहले दिल्ली और फिर सहारनपुर में अपने रिश्तेदार के घर रहीं। पूरे मामले से अनजान उनकी मां अलका कक्कड़ ने सिहानी गेट थाने में अपहरण की रिपोर्ट दर्ज करा दी।
पुलिस ने इसकी जांच की तो सच्चाई सामने आई और दो साइबर अपराधी पकड़े गए। प्रिंसी को सहारनपुर से सकुशल बरामद कर लिया गया है। प्रिंसी छह अगस्त को लापता हुई थीं। मोबाइल की लोकेशन मालूम करके पुलिस उनक तक पहुंची। उनसे जानकारी करने के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी की।
एसीपी नंदग्राम रवि कुमार सिंह ने बताया कि इस केस में पकड़े गए साइबर अपराधी दिल्ली के भजनपुरा निवासी सुशांत उर्फ श्याम सिंह और दिल्ली के ही गोकुलपुरी निवासी सौरभ कुमार कपिल है। उनके पास से पांच मोबाइल और एक लैपटॉप बरामद किया गया है।
सौरभ एमबीए पास है और इंडिया डॉट कॉम नामक कंपनी में सेल्स एक्जिक्यूटिव है। पूछताछ में उसने बताया कि उसके संपर्क क्लिक इंडिया नाम की कंपनी में है। इस कंपनी में जो लोग संपर्क करते हैं, वह उनका ब्योरा हासिल कर लेता है। उनसे संपर्क करके वह ऑनलाइन टास्क पूरा कर घर बैठे कमाई का झांसा देता है। इसके बाद टास्क पूरा न करने की बात कहकर मुकदमा दर्ज कराने और जेल भेजने का डर दिखाता है। साथ ही मामला खत्म करने की बात कहकर रकम ऐंठता है।
कंपनी भी जांच के घेरे में
सुशांत ने बताया कि कुछ दिन पहले उसकी दोस्ती सौरभ से हुई। सौरभ ने अपनी कंपनी के बारे में बताया और बैंक खाते उपलब्ध कराने पर आठ प्रतिशत कमीशन देने की बात कही। रुपये के लालच में भाई लोकेश और दोस्त चिराग का खाता सौरभ को दे दिया, जिसमें वह ठगी की रकम मंगवाने लगा। एसीपी ने बताया मामले में कंपनी के शामिल होने के संबंध में जांच की जा रही है। गिरोह के अन्य लोगों को ट्रेस किया जा रहा है। एसीपी ने बताया सौरभ की सुशांत की बहन से शादी तय हुई है। नवंबर में शादी होनी है।
खाते में मिला 15 लाख से ज्यादा का लेनदेन
एसीपी ने बताया कि सौरभ के एक खाते में 15 लाख से ज्यादा का लेनदेन मिला है। पुणे पुलिस ने इसके खाते में 15 लाख रुपये फ्रीज कराए हैं। जांच में पता चला कि ये गरीब लोगों को रुपये का लालच देकर उनके बैंक खाते ले लेते हैं और उसमें ठगी की रकम मंगवाते हैं। करीब 100 खाते इन्होंने इक्कट्ठा किए हुए हैं। पकड़े न जाएं इसके लिए ठगी की रकम को कई खातों में हेराफेरी करते हैं।