गाजियाबाद। मिशन रफ्तार के तहत मेरठ व मुरादाबाद रूट पर चलने वाली लोकल व एक्सप्रेस ट्रेनों की गति 110 से बढ़कर 130 किलोमीटर प्रति घंटा हो जाएगी। इसके लिए रेलवे ट्रैक के सुदृढ़ीकरण और ओएचई (ओवर हेड इक्विपमेंट) का काम तेजी से चल रहा है। आने वाले करीब एक साल में इसका काम पूरा होने की संभावना है।
नॉर्दर्न रेलवे के सीपीआरओ सुधांशु शेखर ने बताया कि रेल यात्रा को सुरक्षित बनाने की दिशा में प्रबंधन लगातार काम कर रहा है। यात्रियों की बढ़ती संख्या को देख जहां ट्रेनों की संख्या में बढोत्तरी करने का निर्णय लिया गया है वहीं, यात्रियों को सुरक्षित समय पर गंतव्य तक पहुंचाने पर भी तेजी से प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। इसी कड़ी में मिशन रफ्तार पर पिछले डेढ़ साल से काम हो रहा है। ब्लॉक सिग्निलिंग पर शुरू होगा काम
ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नलिंग पर भी अगले साल से काम शुरू हो जाएगा। इसमें दो स्टेशनों के बीच में ऐसी व्यवस्था की जाएगी, जिससे एक ट्रैक पर कम समय में दो ट्रेनों का आवागमन हो सके। दो स्टेशनों के बीच हर एक किलोमीटर पर सिग्नल लगाए जाएंगे। जिससे हादसे की संभावना काफी कम हो जाएगी और ट्रेनों का संचालन समय से होगा।
गाजियाबाद रेलवे स्टेशन का कायाकल्प शुरू हो चुका है। नये भवन निर्माण के लिए पुराने भवनों को तोड़ दिया गया है और नींव का काम भी लगभग अंतिम चरण में है। आने वाले दो सालों में स्टेशन पर यात्रियों को अत्याधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। अधिकारियों के कार्यालय प्लेटफार्म से बाहर बनाए जाएंगे। स्वचलित सीढ़ियों के अलावा यात्रियों के खाने पीने की सामग्री के स्टॉल नजर आएंगे। न्यूनतम दरों मेें भोजन उपलब्ध कराने पर भी काम चल रहा है। इसमें 450 करोड़ का खर्च होगा।