गाजियाबाद। ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी और समाज कल्याण पर्यवेक्षक की सोमवार व मंगलवार को हुई परीक्षा में पकड़े गए सॉल्वरों से पूछताछ में पुलिस को यह पता चला कि वे खुद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे। रुपये कमाने के लालच में अभ्यर्थियों की जगह खुद परीक्षा देेने के लिए गिरोह से जुड़े और प्रतियोगी परीक्षाओं के होने का इंतजार करते हैं। पांच हजार रुपये से 20 हजार रुपये परीक्षा देने का ठेका लेते हैं लेकिन उसमें अभ्यर्थी पास होगा या नहीं इसकी गारंटी नहीं लेते हैं।
सोमवार व मंगलवार को गाजियाबाद में अलग-अलग परीक्षा केंद्रों से एसटीएफ व स्थानीय पुलिस ने सरगना समेत 19 सॉल्वरों को गिरफ्तार किया था। इनके अलावा दो सॉल्वर फरार हो गए। एसटीएफ मेरठ यूनिट के अपर पुलिस अधीक्षक ब्रजेश सिंह ने बताया कि बिजनौर के धामपुर निवासी देवेंद्र ने बिहार से सचिन व राहुल के माध्यम से तीन सॉल्वर बुलाए थे, जो परीक्षा से एक दिन पहले आकर ग्रेटर नोएडा के एक होटल में ठहरे थे। इनके अलावा अन्य सॉल्वर पुलिस पूछताछ में किसी गिरोह से संबंध होने से इन्कार कर रहे हैं। पकड़े गए सॉल्वर रुपये लेकर परीक्षा देने की बात तो कबूल रहे हैं लेकिन वह असल अभ्यर्थी को अपना दोस्त या परिचित बताकर उनकी जगह परीक्षा देने आने की बात कह रहे हैं।
सॉल्वर के बाद अब अभ्यर्थी की तलाश में जुटी पुलिस
सोमवार व मंगलवार को पकड़े गए 18 सॉल्वर के बाद पुलिस अब उनकी तलाश में जुट गई है जिनके जगह सॉल्वर आकर बैठे थे। इसके लिए पुलिस ने अभ्यर्थियों के पते की जानकारी परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसी से मांगी है।
प्रदेश भर में फैला है सॉल्वर गैंग
परीक्षा के दिन एसटीएफ ने प्रदेश भर में परीक्षा केंद्रों पर छापे मारे। सभी जगह से गिरोह के कई सॉल्वर पकड़े गए हैं। कहीं व्हाट्सएप पर प्रश्न पत्र उपलब्ध कराते मिले तो कहीं अभ्यर्थी के स्थान पर सॉल्वर भेजकर परीक्षा कराए जाने के मामले सामने आए।
ये सॉल्वर पकड़े गए
सुशीला इंटर कॉलेज से बिजनौर निवासी हिमांशु, श्री गुरुनानक इंटर कॉलेज से बिजनौर निवासी अमित, राजकीय गल्र्स इंटर कॉलेज से बिहार नालंदा निवासी राजीव कुमार, श्री सनातन धर्म इंटर कॉलेज से बिजनौर निवासी रोहित कुमार व बिहार नालंदा निवासी शशिकांत उर्फ शशि कुमार, नगर पालिका बालिका इंटर कॉलेज से मथुरा निवासी रवि, आध्यात्मिक नगर इंटर कॉलेज से फिरोजाबाद निवासी योगेंद्र, शंभू दयाल इंटर कॉलेज से झारखंड के धनबाद निवासी तौफिक, राजकीय इंटर कॉलेज से बिहार निवासी आलोक, डा. केएन मोदी कॉलेज से पटना बिहार निवासी श्रीराम, धौलपुर राजस्थान निवासी समुंदर सिंह, नालंदा बिहार निवासी चंदन, अभय कुमार, सतेंद्र, आगरा निवासी संदीप, कानपुर नगर निवासी अजीत कुमार, अलीगढ़ निवासी प्रिया और कृष्णवीर को गिरफ्तार किया था। सभी स्नातक पास हैं।