धीरेंद्र मिश्र
गाजियाबाद। गाजियाबाद के सांसदों में सबसे लंबा कार्यकाल रमेश चंद तोमर का रहा। वह 1991 से 2004 तक सांसद रहे। सबसे ज्यादा चार बार जीत का रिकाॅर्ड भी उनके नाम ही दर्ज है। लेकिन, 2004 में हार क्या मिली, फिर कभी जीत नहीं पाए। लोकसभा तो क्या विधान सभा के चुनाव में भी हार का मुंह देखना पड़ा। इस तरह उनकी चुनावी राजनीति का सफर अर्श से फर्श तक का रहा है। इस बार के चुनाव में तो टिकट के दावेदारों में भी उनका नाम नहीं चला।
रामलहर में 1991 में गाजियाबाद में पहली बार कमल खिला था। तब सीट हापुड़-गाजियाबाद नाम से थी। एमएमएच काॅलेज में प्रोफेसर रहे रमेश चंद तोमर ने 1989 में जीते जनता दल के केसी त्यागी को हराया था। इसके बाद उन्हें टिकट मिलता रहा और वह एक के बाद एक जीत दर्ज करते रहे। उनकी जीत का चौका लग जाने के बाद उन्हें हराना मुश्किल हो गया था। लेकिन, 2004 में कांग्रेस के सुरेंद्र गोयल ने नई कहानी लिख दी। कड़े मुकाबले में जीत का सेहरा सुरेंद्र गोयल के सिर बंधा।
इस एक हार ने रमेश चंद तोमर के चुनावी सफर को ऐसा झटका दिया कि उनकी गाड़ी कभी जीत की पटरी पर ही नहीं लौट पाई। 2009 के चुनाव में भाजपा में उनका टिकट कट गया। उनकी जगह उस समय के अध्यक्ष राजनाथ सिंह चुनाव मैदान में उतरे। नाराजगी में रमेश चंद तोमर कांग्रेस में चले गए। उन्हें गौतमबुद्ध नगर से उम्मीदवार बनाया गया, लेकिन जीत नहीं सके।
2014 में कांग्रेस से उम्मीदवार होने के बावजूद वह भाजपा से जा मिले। भाजपा ने 2017 में धौलाना से टिकट दिया लेकिन यहां भी किस्मत ने साथ नहीं दिया और उनकी हार हुई। उनके कार्यकाल में गाजियाबाद में तेजी से विकास हुआ। 1995-96 में नगर निगम बना। इंदिरापुरम आवासीय योजना लांच की गई। कॉलोनियां बसने लगीं।
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कब-कब जीते
1991 : जनता दल के केसी त्यागी को हराया। रमेश चंद तोमर को 1,90,730 और केसी त्यागी को 1,66,516 वोट मिले।
1996 : केसी त्यागी सपा से उतरे। हार गए। रमेश चंद तोमर को 2,47,769 और केसी त्यागी को 1,53,320 वोट मिले।
1998: सपा के राजपाल त्यागी को हराया। रमेश चंद तोमर को 3,41,177 और राजपाल त्यागी को 1,79,215 वोट हासिल हुए।
1999 : रालोद के त्रिलोक त्यागी को हराया। रमेश चंद तोमर को 2,34,525 और त्रिलोक त्यागी को 2,22,567 वोट मिले।
कब - कब हारे
2004 : गाजियाबाद सीट पर कांग्रेस के सुरेंद्र प्रकाश गोयल से हारे। गोयल को 2,35,114 और रमेश चंद तोमर को 1,92,751 वोट मिले।
2009 : कांग्रेस के टिकट पर गौतमबुद्धनगर से लड़े। चौथे स्थान पर रहे। बसपा के सुरेंद्र सिंह नागर ( 2,45,613) वोट से जीते। रमेश चंद तोमर को 1,16,230 वोट मिले।
2014 : कांग्रेस के टिकट पर गौतमबुद्धनगर से लड़े। मतदान से पहले भाजपा से जा मिले। 5,99,702 वोट के साथ भाजपा के महेश शर्मा जीते। 12,727 वोट के साथ रमेश चंद तोमर चौथे स्थान पर रहे।
2017 : धौलाना से विधान सभा चुनाव लड़े। बसपा के असलम चौधरी ( 88,580 वोट ) से हार गए। तोमर को 85,004 वोट मिले।
गौंहनिया तालाब के पास लगी भीड़ व मौजूद पुलिस । संवाद
गौंहनिया तालाब के पास लगी भीड़ व मौजूद पुलिस । संवाद