गाजियाबाद। विजयनगर थाने की पुलिस ने एक ऐसे शख्स के शव का दाह संस्कार लावारिस में किया, जिसकी गुमशुदगी का पोस्टर थाने के नोटिस बोर्ड पर लगा हुआ था। इतना ही नहीं। उनके परिजन भी छह बार थाने में आए। उनका आरोप है कि पुलिस ने उन्हें लावारिस लाश मिलने की कोई जानकारी ही नहीं दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि मामला हत्या का है। इसके बावजूद पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठे रही। परिजनों ने अब अफसरों से शिकायत की है। विजयनगर थाने में तहरीर भी दी है। घटना के 89 दिन बाद लूट और हत्या की धारा में केस दर्ज किया गया है। घटना 30 जुलाई को हुई थी। नोएडा के बादलपुर क्षेत्र के बंबागड़ निवासी सुरेंद्र नागर का शव विजयनगर में मिला था। वह घर नहीं पहुंचे तो एक अगस्त को बादलपुर थाने में उनकी गुमशुदगी दर्ज करा दी गई। सुरेंद्र नोएडा आरटीओ दफ्तर के बाहर एजेंट के रूप में काम करते थे। रोज सुबह घर से आते थे, रात को लौटते थे। बादलपुर के पास का थाना विजयनगर है। इसलिए, परिजनों के साथ आकर बादलपुर थाना पुलिस ने विजयनगर थाने में न केवल सुरेंद्र की गुमशुदगी की सूचना दी, बल्कि पोस्टर भी लगाया। सुरेंद्र के चचेरे भाई कपिल ने बताया कि वह जब भी विजयनगर थाने आए, एक ही जवाब मिला, कोई जानकारी नहीं है। बाद में पता चला कि उनका शव 30 को ही मिल गया था। तीन दिन बाद पुलिस ने शव को लावारिस बताकर अंतिम संस्कार कर दिया। उनके कपड़े थाने में रखे थे। शव का फोटो भी था। 24 अक्तूबर को इनसे ही पहचान की।
बेटे ने जुटाए सुराग... तब हुआ खुलासा
सुरेंद्र के बेटे विपिन पुलिस में सिपाही हैं। विपिन ने अपने स्तर से पूरी जांच पड़ताल की। पिता के मोबाइल फोन की काॅल डिटेल और लोकेशन निकलवाई। फोन काफी दिन स्विच ऑफ रहा। इसके बाद चालू हुआ तो पता चला कि यह बिहार में है। इसकी जानकारी बादलपुर थाना पुलिस को दी। पुलिस ने फोन चलाने वाले को थाने बुलाया। उसने बताया कि फोन एक महिला से खरीदा था। महिला ने बताया कि उसने ऑटो चालक से खरीदा था। अब ऑटो चालक की तलाश चल रही है।
जेब फटी मिली, रकम गायब
कपिल ने बताया कि वे विजयनगर थाने के चक्कर काटते रहे। आखिर 24 अक्तूबर को पुलिस ने बताया कि अज्ञात शव मिला था। कपड़ों से हमने पहचान कर ली। इसके बाद पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर और शरीर पर चोट के निशान मिले। सुरेंद्र नागर की जेब फटी हुई थी। मोबाइल नहीं मिला था। जेब में कोई पैसा नहीं था। कपिल का कहना है कि जेब से रकम निकाल ली गई थी। फोन लूट लिया गया था। साफ तौर पर मामला लूट और हत्या का है।
कराई जा रही है जांच
एसीपी कोतवाली निमिष पाटिल ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। अभी तक की जांच में लूट की बात स्पष्ट हुई है। हत्या होने के साक्ष्य नहीं मिले हैं। हादसे में मौत होना प्रतीत हो रहा है। जांच की जा रही है। लावारिस में दाह संस्कार कर दिए जाने के मामले में जांच कराई जा रही है।