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Ghaziabad News: तीन फेज में बसेगा नया शहर, पहले फेज में 100 हेक्टेयर में होगा निर्माण

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गाजियाबाद। पांच अगस्त को बोर्ड बैठक में नये शहर हरनंदीपुरम का प्रस्ताव पास होने के बाद रैपिड सर्वे शुरू हो गया है। इसी के साथ ही नये शहर को तीन चरणों में बसाने की योजना पर भी मंथन शुरू हो गया है। नए शहर के लिए आठ गांवों की 541 हेक्टेयर जमीन की सैटेलाइट मैंपिंग करा ली गई है। किसानों से आपसी सहमति के आधार पर जमीन क्रय करने के लिए समिति का गठन किया जाएगा। समिति में प्रशासन और प्राधिकरण के अधिकारी शामिल रहेंगे। पहले चरण में 100 हेक्टेयर में जमीन पर निर्माण कराया जाएगा।
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वहीं, नए शहर को विश्वस्तरीय सुविधाओं से युक्त बनाने के लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल यानि आरएफपी बिड बन गई है। इसे अगले हफ्ते मंजूरी मिल जाने की उम्मीद है। आरएफपी के तहत विश्वस्तरीय कंसल्टेंट से कार्ययोजना और उनके रेट मांगे जाएंगे। वीसी अतुल वत्स का कहना है कि अन्य राज्यों और विदेशों में बसाई गई टाउनशिप पर स्टडी की जा रही है। शहर में मेडीसिटी, आईटी सिटी और स्पोर्ट्स सिटी को लाया जाएगा। पूरी तरह से ग्रीन स्ट्रक्चर और पर्यावरण को ध्यान में रखकर निर्माण कराया जाएगा। इसके अलावा टाउनशिप के चारों ओर रोड कनेक्टिविटी के लिए चौड़ी रोड़, रैपिड और ईस्टर्न पेरिफेरल तक पहुंचने के लिए एनपीआर की कनेक्टिविटी और ट्रांसपोर्ट सुविधा यहां मिलेगी। दो ब्लॉकों के बीच ग्रीनरी और फिर रोड बनाई जाएगी। टाउनशिप के बीच-बीच में मिनी स्टेडियम भी बनाने की योजना है। बच्चों के वाटर पार्क, झूले वाले पार्क हर पॉकेट में बनाए जाएंगे।

प्रतिवर्ग मीटर चार हजार रुपये से अधिक की निर्माण लागत आने का अनुमान
मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के तहत नए शहर को बसाने के लिए 53,10,000 वर्ग मीटर जमीन पर निर्माण कराया जाएगा। मौजूदा समय में साढ़े तीन से चार हजार रुपये वर्ग मीटर निर्माण की लागत आ रही है। इसके अलावा जमीन खरीदने पर अगले से कई सौ करोड़ लागत आने का अनुमान है। कुल मिलाकर करीब 10 हजार करोड़ की लागत आने का अनुमान अधिकारियों ने लगाया है। जमीन क्रय करने के लिए 50 फीसदी राशि राज्य सरकार द्वारा दिए जाने का प्रावधान है। 50 फीसदी बजट की व्यवस्था जीडीए को अपने पास से करनी होगी। सब कुछ ठीक रहा तो नया शहर 2027 तक बनकर तैयार होने की संभावना है। जीडीए का कहना है कि उनके पास कई हजार करोड़ की संपत्ति रिक्त पड़ी है। इसे बेचकर वह नए शहर को बसाने में लगाएंगे। नया शहर आने के बाद जीडीए को भी हजारों- लाखों करोड़ का फायदा होगा। निवेश आएगा और जीडीए की आय बढ़ेगी। इसके साथ ही नए शहर में रहने वाले लोगों को पेरिस और लंदन में रहने जैसा अहसास होगा।
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पार्क में शाखाओं पर चलेंगे बच्चे
इंदिरापुरम के नीतिखंड में स्थित हाथी पार्क के साथ दो पार्कों को जोड़कर हैपिनेस पार्क बनाने की योजना है। जीडीए वीसी ने बताया कि यहां पार्कों को एक साथ मिलाकर पेड़ों की शाखाओं को आपस में जोड़ा जाएगा। यहां बच्चे शाखाओं पर चलकर आनंद ले सकेंगे। अभी तक ऐसा पार्क लखनऊ में है। पार्क में पिकनिक मनाने आने वालों से शुल्क लिया जाएगा।
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