फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ghaziabad News: विधायक के खिलाफ दर्ज में एक कदम भी न चली जांच

विज्ञापन
विज्ञापन
मोदीनगर। भाजपा विधायक डाॅ. मंजू शिवाच, उनके पति डाॅ. देवेंद्र शिवाच समेत आठ लोगों के खिलाफ शुक्रवार को जालसाजी की संगीन धाराओं में दर्ज कराए गए मुकदमे में शनिवार की रात तक पुलिस की जांच एक कदम भी आगे नहीं बढ़ी। न तो किसी के बयान दर्ज किए गए । न ही उस प्लाट से संबंधित दस्तावेज देखे गए जिसकी फर्जी पाॅवर आफ अटाॅर्नी बनाने का केस दर्ज हुआ है। पुलिस इस केस को दर्ज करने से भी बच रही थी। कोर्ट के आदेश के बाद रिपोर्ट दर्ज की गई थी। यह रिपोर्ट मेरठ के नूरनगर निवासी पंकज ने दर्ज कराई। इसमें बताया गया है कि उनका श्रीराम वाटिका में 270 वर्ग गज का प्लाॅट है। प्रोपर्टी डीलर बाबू के माध्यम से इसका सौदा डाॅ. देवेंद्र शिवाच से 55 लाख में हुआ था। पंकज का कहना है कि देवेंद्र ने 10 लाख दिए। बाकी बैनामे के समय देने के लिए कहा। बाद में फर्जी पाॅवर आफ अटार्नी बनवाकर उससे बैनामा कर लिया।
विज्ञापन

इस मामले में मंजू शिवाच, देवेंद्र शिवाच, हाजी वासिद, बाबू, रहीसा, यामीन, खतीजा और मारूफ मलिक के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराओं में केस दर्ज किया गया था। इस पूरे मामले में सबसे अहम पहलू यह मालूम करना है कि जिस पाॅवर आफ अटार्नी से प्लाॅट बेचा गया है, वह असली है या फर्जी। एसीपी ज्ञान प्रकाश का कहना है कि मामले की जांच पूरी गंभीरता और गहनता से की जाएगी। दोनों पक्षों से प्लाॅट से संबंधित दस्तावेज मांगे गए हैं। तथ्यों के आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।

पंकज के खिलाफ भी दर्ज है केस
विधायक डॉ.मंजू शिवाच और उनके पति डॉ.देवेन्द्र शिवाच सहित आठ पर रिपोर्ट दर्ज कराने के वाले पंकज कुमार के खिलाफ तीस लाख रूपये की धोखाधड़ी का केस दर्ज है। विधायक के पति डाॅ.देवेन्द्र शिवाच ने बताया कि वर्ष 2022 में पंकज से एक प्लॉट का सौदा तय हुआ था। सौदा तय होने के बाद पंकज को तीन बार में तीस लाख रूपये ट्रांसफर किए गए। रकम लेने के बाद पंकज बैनामा करने में आनाकानी करने लगा और बाद में मुकर गया। पंकज ने न तो प्लॉट का बैनामा किया और न रकम लौटाई। इसके बाद सितंबर 2023 में पंकज सैनी सहित दो खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। मामला अदालत में विचाराधीन है। विधायक के पति का आरोप है कि पंकज मुकदमे में फैसला करने का दबाव बना रहा था। फैसला नहीं करने पर उनके खिलाफ साजिशन रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें