गाजियाबाद। लोकसभा सीट पर प्रत्याशी का चेहरा बदलने के बाद शुरू हुए विवाद की वजह से अब भाजपा के दो राज्य मंत्रियों की साख भी दांव पर लग गई है। इस विरोध को थामने के साथ-साथ पिछड़ों और अगड़ों को साधने की जिम्मेदारी भी इन दोनों मंत्रियों पर आ गई है।
भाजपा ने पिछड़ा वर्ग को प्रदेश की राजनीति में प्रतिनिधित्व देने के लिए नरेंद्र कश्यप को यूपी में मंत्री बनाया हुआ है। बसपा से राज्यसभा सांसद रह चुके नरेंद्र कश्यप की न सिर्फ अपनी बिरादरी में बल्कि पिछड़ा वर्ग में अच्छी पकड़ मानी जाती है। फिलहाल वह पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के भी करीबी माने जा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, यूपी में बीते महीने हुए मंत्रिमंडल के विस्तार में साहिबाबाद विधायक सुनील शर्मा को जगह देकर ब्राह्मणों को साधने का प्रयास किया है। उन्हें अचानक से नाम तय कर प्रदेश सरकार की कैबिनेट में मंत्री बनाया गया है। इसका संदेश न केवल गाजियाबाद में बल्कि पश्चिम यूपी की कई सीटों पर ब्राह्मणों के साथ-साथ अगड़ों को साधने की कोशिश की गई है।
अब दोनों मंत्री के गढ़ गाजियाबाद लोकसभा सीट पर भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने वीके सिंह की बजाय शहर विधायक अतुल गर्ग को प्रत्याशी बनाया तो क्षत्रिय समाज में जबरदस्त विरोध शुरू हो गया है। पार्टी का शीर्ष नेतृत्व इस विरोध को शांत कर मान-मनौव्वल में जुटा है, लेकिन चर्चा है कि इस नाराजगी का असर लोकसभा चुनाव में भाजपा को आंशिक तौर पर खामियाजा उठाना पड़ सकता है। सात लाख से ज्यादा वोटों के अंतर से जीत का दावा कर रहे भाजपा संगठन को इस नाराजगी की भरपाई अन्य बिरादरियों से करनी पड़ सकती है। इंडी गठबंधन ने ब्राह्मण प्रत्याशी डॉली शर्मा को चुनाव मैदान में उतारकर भाजपा के लिए एक नई चुनौती खड़ी कर दी है। ऐसे में भाजपा के कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा को न सिर्फ ब्राह्मणों बल्कि अगड़ों को साधने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ेगी। वहीं, पिछड़ा वर्ग को ज्यादा से ज्यादा जोड़ने के लिए राज्यमंत्री नरेंद्र कश्यप को भी मेहनत करनी पड़ेगी।
धौलाना में नाराज क्षत्रियों को मनाने का जिम्मा विधायक धर्मेश तोमर पर
वीके सिंह का टिकट कटने से नाराज क्षत्रिय समाज के लोग खुलकर विरोध कर चुके हैं। गाजियाबाद लोकसभा क्षेत्र में साठा चौरासी के धौलाना क्षेत्र में क्षत्रिय मतदाता बड़ी संख्या में है। यहां से भाजपा से विधायक भी ठाकुर बिरादरी से धर्मेश तोमर है। ऐसे में बिरादरी की नाराजगी दूर करने की बड़ी चुनौती विधायक के सामने भी खड़ी हो गई है। पार्टी ने धर्मेश तोमर को भी बिरादरी में उपजे विरोध को शांत करने का जिम्मा सौंपा है।