कौशांबी। थाना क्षेत्र में बॉर्डर पर जर्जर बिल्डिंग के चौथे तल पर नोएडा से गुमशुदा रसोइया जयकिशोर (40) की भारी वस्तु से हमला कर हत्या कर दी। बदमाश घटना के बाद शव फेंककर फरार हो गए। पुलिस ने 23 फरवरी को मृत मिले व्यक्ति की पहचान के बाद सोमवार को बेटे राजदीपक तिवारी की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया। परिजनों का कहना है कि वह 17 फरवरी से साइकिल लेकर गुमशुदा थे। नोएडा सेक्टर-49 में उनकी गुमशुदी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पुलिस ने बताया कि मूलरूप से हरदोई के रहने वाले जयकिशोर (40) नोएडा सेक्टर-51 में परिवार के साथ रहते थे। और एपेक्स फ्लोरा ग्रुप में रसोइया थे। बेटे राजदीपक ने पुलिस को बताया कि 17 फरवरी की सुबह छह बजे पिता साइकिल लेकर घर से सोसायटी के लिए निकले थे। देर रात तक वह घर नहीं पहुंचें तो उन्हें काफी चिंता होने लगी। परिवार और अन्य रिश्तेदार व परिचितों ने उन्हें हर जगह तलाश किया लेकिन कुछ पता नहीं वला। अगले दिन नोएडा सेक्टर-49 थाने में उनकी गुमशुदगी दर्ज करा दी थी। तभी से पुलिस और परिजन हर जगह तलाश में जुटे थे। इस बीच 23 फरवरी को कौशांबी थाना क्षेत्र में आनंद विहार बॉर्डर पर खंडहर पड़ी बिल्डिंग के चौथे तल पर एक अज्ञात युवक का शव मिला था। युवक के चेहरे और अन्य जगह पर चोट के निशान थे। तलाशी में टीम को उस तल पर युवक की पहचान के लिए कोई कागजात या मोबाइल फोन नहीं मिला। 24 फरवरी को टीम दोबारा बिल्डिंग में गई और सभी तल पर बारीकी से जांच की। टीम को तीसरे तल पर एक युवक की सोसायटी का आईकार्ड मिला। शक के आधार पर पुलिस ने सोसायटी में संपर्क किया तो मृत युवक की पहचान जयकिशोर के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस ने परिजनों से संपर्क किया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आई कई जगह चोट के निशान:
पुलिस का कहना है कि जयकिशोर की मौत चोट लगने से हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर भारी वस्तु से हमला करने और शरीर के बाकी हिस्सों में भी सात-आठ जगह चोट लगी थी। बेटे ने इस पर कौशांबी पुलिस को पिता की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। उनका कहना है कि पिता की किसी से दुश्मनी नहीं थी। अब पुलिस खुलासा करने में जुटी है।
पुलिस के लिए होगी कड़ी चुनौती:
कौशांबी पुलिस के लिए घटना का खुलासा करना चुनौतीपूर्ण होगा। जिस बिल्डिंग में शव मिला है। वो पूरी तरह से खंडहर हो चुकी है। उसमें ज्यादातर कबाड़ी और नशा करने वाले लोग अड्डा बनाकर बैठते हैं। इसके अलावा पुलिस को घटनास्थल पर कोई अहम साक्ष्य भी नहीं मिला है। सूचना के समय शव चेहरे की तरफ से उल्टा पड़ा था। कई दिन पुराना होने से शव फूल चुका था। खास बात है कि दिल्ली और यूपी बॉर्डर पर बनी बिल्डिंंग में कोई नहीं रहता है। बाहरी लोग नशा करके भाग जाते हैं। ऐसे में घटना के समय चश्मदीद या मुख्य आरोपी की पहचान कर उन्हें पकड़ना काफी मुश्किल होगा।
इंदिरापुरम एसीपी स्वतंत्र कुमार सिंह का कहना है कि रसोइया की हत्या का मुकदमा दर्ज कर टीमें जांच कर रही हैं। परिजनों से बात कर घटना की वजह पता कर रहे हैं।