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Ghaziabad News: ऑडिटोरियम और शॉपिंग कांप्लेक्स का अनुबंध होगा निरस्त

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गाजियाबाद। नेहरू नगर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम और रमते राम रोड पर बने शॉपिंग कांप्लेक्स व पार्किंग का अनुबंध निरस्त किया जाएगा। करीब 3.33 करोड़ रुपये बकाया राशि का भुगतान नहीं होने पर मैसर्स रैली इंफ्रा प्रा. लि. नामक फर्म के खिलाफ रिकवरी सर्टिफिकेट (आरसी) पहले ही जारी हो चुका है। अब नगर निगम फर्म का अनुबंध खत्म निरस्त करने की तैयारी कर रहा है। दो महीने से सील ऑडिटोरियम और कांप्लेक्स के लिए निविदा के माध्यम से नई एजेंसी का चयन किया जाएगा। इसके बाद दोनों सुविधाएं शहरवासियों को मिलने लगेंगी।
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ऑडिटोरियम और शॉपिंग कांप्लेक्स के संचालन का जिम्मा दो वर्ष पहले एक ही फर्म को दिया गया था। समय पर किराये की राशि जमा नहीं कराने पर फर्म पर बकाया राशि बढ़ती गई। इस मामले में विवाद बढ़ता देख नगर निगम ने बीते 19 जून को ऑडिटोरियम और शॉपिंग कांप्लेक्स को सील करने की कार्रवाई को अंजाम दिया था। दो महीने से दोनों ही परिसर सील हैं। ऑडिटोरियम शहर में होने वाले बड़े आयोजनों के लिए उपयोगी थी, लेकिन इसके सील होने के कारण यहां आयोजन नहीं हो रहे हैं।
इसी तरह रमते राम रोड के शॉपिंग कांप्लेक्स में पार्किंग की सुविधा थी, जिसका आसपास के लोगों को फायदा मिल रहा था। इसके सील होने के कारण अब पार्किंग की समस्या उत्पन्न हो गई है। नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि जून 2024 तक ऑडिटोरियम के लिए 1,34,77,757 रुपये और शॉपिंग कांप्लेक्स के लिए 1,99,03,296 रुपये का बकाया फर्म पर है। भुगतान के लिए फर्म को कई बार नोटिस जारी किए जा चुके हैं। भू-राजस्व की तरह बकाया वसूली के लिए नगर निगम ने बीते 29 जुलाई को फर्म को अंतिम नोटिस भेजा था, लेकिन भुगतान नहीं किया गया। जिसके बाद सात अगस्त को बकाया वसूली के लिए फर्म के खिलाफ जिला प्रशासन के माध्यम से आरसी जारी कर दी गई।
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महापौर ने उठाए थे कई सवाल
इस मामले में महापौर सुनीता दयाल ने कई सवाल उठाए थे। महापौर का आरोप था कि दो साल से ऑडिटोरियम का उपयोग कर फर्म धन अर्जित करती रही, लेकिन किराये का भुगतान नहीं किया। इसके बाद भी नगर निगम की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई। सीलिंग की कार्रवाई के बाद फर्म की ओर से ऑडिटोरियम के बकाया भुगतान के लिए 1.85 करोड़ रुपये जो चेक जमा कराए गए, वह भी डिसऑनर हो गए, लेकिन निगम अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की।
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एक माह में दोबारा मिलेगी सुविधा
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया कि एक सप्ताह में अनुबंध निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद नए सिरे से दोनों परिसरों के लिए एजेंसी का चयन करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसमें लगभग एक महीने का समय लग सकता है। नई एजेंसी का चयन होने के बाद संचालन का जिम्मा सौंपा जाएगा। पुरानी फर्म पर नियमानुसार रिकवरी की कार्रवाई जारी रहेगी।
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