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Ghaziabad News: बिना आमद कराए ही भागा सिपाही, दोनों ने मोबाइल फोन किए बंद

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गाजियाबाद। नगर कोतवाली के साईं उपवन में युवती से छेड़छाड़ और मंगेतर से थप्पड़ मारने के मामले में पुलिस पांच दिन बाद भी न तो आरोपी सिपाही व होमगार्ड को गिरफ्तार कर पाई और न ही घटना में शामिल तीसरे व्यक्ति का नाम पता लगा पाई है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार सिपाही को निलंबित किया गया लेकिन वह लाइन में बिना आमद कराए ही भाग गया। वहीं होमगार्ड कमांडेंट की ओर से भी आरोपी होमगार्ड के नोटिस जारी किया है लेकिन वह भी घर पर नहीं मिला। दोनों ने मोबाइल फोन भी बंद कर लिए। सिपाही और होमगार्ड पर भ्रष्टाचार, छेड़छाड़ और धमकी देने धारा में मुकदमा दर्ज हुआ था।
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नगर कोतवाती क्षेत्र की पीआरवी पर तैनात सिपाही दिगंबर और होमगार्ड राकेश कुमार ने अपने एक साथी के साथ साईं उपवन में गौतमबुद्धनगर की युवती अपने मंगेतर के साथ घूमने गईं थीं। वहां सिपाही और होमगार्ड ने उन्हें धमकाया। उनके साथी ने पांच लाख रुपये की मांग की। सिपाही और होमगार्ड ने युवती के साथ छेड़छाड़ की और संबंध बनाने का दबाव बनाया। घटना 16 सितंबर की है। मामले में पुलिस ने 28 सितंबर को मुकदमा दर्ज किया था। पांच दिन बाद भी पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई।

दोनों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी
एसीपी निमिष पाटिल ने बताया कि होमगार्ड राकेश कुमार और सिपाही दिगंबर की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। दोनों अपने घरों पर नहीं मिले हैं। उनके पकड़े जाने पर ही तीसरे व्यक्ति के बारे में जानकारी मिल सकेगी। तीसरे व्यक्ति के बारे में मैनुअल जानकारी से भी पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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जारी किया नोटिस, बर्खास्ती की रिपोर्ट तैयार की
सीओ होमगार्ड राकेश कुमार राय ने बताया कि पुलिस की ओर से होमगार्ड के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के संबंध में पत्र मिला। होमगार्ड राकेश को निलंबित कर दिया गया है। बर्खास्ती की रिपोर्ट तैयारी की गई है। जांच के बाद बर्खास्ती की कार्रवाई की जाएगी।

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कमिश्नरेट बनने के बाद भी नहीं बदला पुलिस का रवैया

- कहीं विवेचना में ढिलाई तो कहीं पीडि़त को गुमराह करने में लगी पुलिस

- भ्रष्टाचार समेत कई गंभीर आरोपों से दागदार हो चुकी है खाकी

संवाद न्यूज एजेंसी

गाजियाबाद। कमिश्नरेट बनने के बाद भी पुलिस के रवैया नहीं बदला। अभी भी पुलिस पीडि़तों को टरकाने, विवेचना में लापरवाही बरतने और जांच में रुपये मांगने जैसा बरताव कर रही है। पुलिस अधिकारी सेमिनार और कार्यक्रम कराकर पुलिसकर्मियों के व्यवहार में सुधार करने के प्रयास का दावा कर रही है। इसके बावजूद पुलिसकर्मी के व्यवहार नहीं सुधर रहा है।

कमिश्नरेट बने 10 महीनों से ज्यादा समय हो गया। 10 महीनों में खाकी कई बार दागदार हुई। कभी रुपये लेने तो कभी विवेचना में रुपये लेकर नाम निकालने के मामले में। पुलिस पर भ्रष्टाचार समेत अन्य आरोपों के पांच से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। पुलिसकर्मियों में पुलिस अधिकारियों का डर नहीं है जो बेखौफ होकर काम कर रहे हैं।

पुलिस आयुक्त अजय कुमार मिश्रा का कहना है कि पुलिसकर्मियों के व्यवहार में सुधार करने के लिए समय-समय पर सेमिनार कराए जा रहे हैं। इसके बावजूद भी अगर निचले स्तर पर पुलिसकर्मी लापरवाही बरत रहें हैं। ऐसे में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर कार्रवाई की जा रही है।

अभी भी इस तरह की आ रही शिकायतें
- लूट या चोरी की घटना में तहरीर बदलवाकर लिखवाना।

- घटना होने पर थाने-चौकी से पीडि़तों को धमकाकर भगाना।

- तहरीर देने के कई दिनों बाद मुकदमा दर्ज करना।

- विवेचना के दौरान नाम निकालने या अंतिम रिपोर्ट लगाने की बात कहकर रुपये मांगना।

- पहले भी लगे आरोप
वेव सिटा थाना क्षेत्र में एक मार्च 2023 को राजमिस्त्री की मौत के बाद दो कांस्टेबल पर उसके साथ मारपीट का आरोप लगा था। मामले में लापरवाही बरतने के मामले में थानाध्यक्ष वेव सिटी को निलंबित किया गया था।

कविनगर थाना क्षेत्र में 22 अप्रैल 2023 थाना क्षेत्र में पुलिस लाइन के सामने बुजुर्ग से कांस्टेबल ने पिटाई की। कांस्टेबल को निलंबित किया गया।
चौधरी मोड़ पर 16 जुलाई 2023 को ट्रैफिक पुलिस के उपनिरीक्षक और कांस्टेबल पर नशे की हालत बीजेपी पार्षद के भाई से मारपीट का आरोप लगाया गया।
16 सितंबर 2023 को पुलिसकर्मी पर पासपोर्ट वेरिफिकेशन के नाम पर 500 रुपये लेने का आरोप लगा। कांस्टेबल सचिन राघव को निलंबित किया गया।
खाकी को दागदार करने वाला पांचवां मामला

- 21 जुलाई को शालीमार गार्डन चौकी पर तैनात हेड कांस्टेबल धीरज चतुर्वेदी और कांस्टेबल इंद्रजीत पर चोरी के आरोपियों को 3.60 लाख रुपये लेकर छोडऩे का आरोप लगा।

- तीन अगस्त को मसूरी थाने में तैनात उपनिरीक्षक रणविजय प्रताप सिंह पर भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज हुआ। एक लकड़ी कारोबारी ने मीट फैक्टरी संचालक पर 59 लाख रुपये की धोखाधड़ी की विवेचना में रुपये लेने का आरोप लगा।
- तीन सितंबर को एक उपनिरीक्षक का मसाज पार्लर की आड़ में देह व्यापार कराने के नाम पर 20 हजार रुपये महीने मांगने का वीडियो वायरल हुआ।
- 10 सितंबर को कविनगर थाने में तैनात उपनिरीक्षक महेंद्र शर्मा पर एक मामले में आरोप पत्र लगाने के नाम पर एक लाख रुपये मांगने का आरोप लगा। मामले में उपनिरीक्षक के खिलाफ भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज किया गया।
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