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लॉकडाउन से ऑटो पार्ट्स उत्पादन पर संकट

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लॉकडाउन से ऑटो पार्ट्स उत्पादन पर संकट - उद्यमियों का कहना, मुश्किल ही दिखेगी हाल फिलहाल में डिमांड - जिले में बड़े पैमाने पर छोटी-बड़ी इकाईयां तैयार करती हैं ऑटो पार्ट्स माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। कोरोना से उद्योग व्यापार के हर क्षेत्र प्रभावित हैं हालांकि केंद्र और प्रदेश सरकार के प्रयासों से इनसे निपटने की तैयारी भी की जा रही है। गाजियाबाद जिले की बात की जाए तो यांत्रिकी उत्पादन के हब को बाजार से अभी डिमांड नहीं मिल पा रही है। जिले में देश की नामी ऑटोमोबाइल कंपनियों के लिए ऑटो पार्ट्स तैयार होते हैं लेकिन लॉकडाउन ने इस ट्रेड में डिमांड को बुरी तरह प्रभावित किया है, जिससे ऑटो पार्ट्स का उद्योग बुरी तरह से प्रभावित है। उद्यमियों का कहना है कि आने वाले समय में भी डिमांड बाजार में ना के बराबर रहने वाली है, जिससे कम से कम दिवाली तक ऑटो पार्ट्स बनाने वाली इकाइयों को नुकसान झेलना पड़ेगा। जिले में तकरीबन 2700 औद्योगिक इकाइयों में दोपहिया और चार पहिया वाहनों के ऑटो पार्ट्स तैयार किए जाते हैं। इंजन पार्ट्स से लेकर पेट्रोल टंकी, वाहनों के नट बोल्ट, ट्रक की कमानी, इंजन सहित तमाम उत्पाद खासकर लोहे और स्टील से बने उत्पाद गाजियाबाद की औद्योगिक इकाइयां तैयार करती हैं। ऑटो पार्ट्स में लगभग 700 से 800 करोड़ सालाना का कारोबार जिले की इकाइयों में तैयार होता है। मेरठ रोड पर एक बड़ी यूनिट में वाहनों के रिंग्स भी तैयार होते हैं लेकिन लॉकडाउन में सभी इकाईयों का उत्पादन 85 से 90 फीसद तक गिरा है। देश की कुछ नामी ऑटोमोबाइल कंपनियों ने भी केंद्र सरकार को पिछले दिनों लॉकडाउन ना बढ़ाने के लिए अपील की थी, इससे साफ है कि ऑटोमोबाइल सेक्टर में आने वाले दिनों में ग्राहक न मिले तो मुश्किल हो सकती है। --- ऑटो पार्ट्स इकाइयों पर एक नजर: सूक्ष्म- 110 लघु- 1500 मध्यम- 1000 बड़ी इकाईयां-50 --- क्या कहते हैं उद्यमी: केंद्र सरकार ने कुछ पैकेज घोषित किए हैं लेकिन ऑटोमोबाइल को लेकर अभी डिमांड बहुत कम मिल रही है। पिछले दिनों कुछ जगह पर मैन्युफैक्चरिंग शुरू हुई है लेकिन पहले के मुकाबले बहुत कम उत्पादन गाड़ियों का हो रहा है, जिससे ऑटो पार्ट्स इंडस्ट्री पर असर पड़ रहा है। नंदलाल शर्मा, ऑटो पार्ट्स इंडस्ट्री संचालक --- अभी गाड़ियों के सभी बड़े प्लांट पर मैन्युफैक्चरिंग लगभग ना के बराबर है। जब तक बाजार से डिमांड नहीं मिलेगी उत्पादन नहीं बढ़ेगा। इसी हिसाब से गाजियाबाद में भी ऑटो पार्ट्स की डिमांड मैन्युफैक्चरिंग बढ़ने के साथ ही बढ़ेगी। - सुनील दत्त त्यागी, ऑटो पार्ट्स इंडस्ट्री संचालक --- चुनौती को अवसर में बदलने की कवायद: जिला प्रशासन लॉकडाउन के दौरान चुनौती को अवसर में बदलने की कवायद में जुटा हुआ है। इसी कड़ी में शुक्रवार तक जिले में 9242 उद्योगों को शुरू करा दिया गया। जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त बीरेंद्र कुमार ने बताया कि इन उद्योगों में 333037 श्रमिक कार्यरत हैं। आगे भी उद्योगों को चलाने की अनुमति दी जा रही है। जिला प्रशासन की टीम में भी सुरक्षा नियमों की जांच कर रही है। इसके अलावा श्रमिकों के पंजीयन भी प्रदेश सरकार की योजनाओं के लिए कराए जा रहे हैं। जिलाधिकारी अजय शंकर पांडे का कहना है कि गाजियाबाद में श्रमिकों का पलायन रोकने की कोशिश की जा रही है। पलायन करने वालों में ज्यादातर श्रमिक निर्माण स्थलों पर काम करने वाले हैं।
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