सबहेड- अब बड़ों के साथ छोटे निर्माण कार्य के लिए जीडीए से नहीं लेनी होगी मंजूरी, मानकों की अनदेखी पड़ेगी भारी - ऐसे में सोशल डिस्टेंसिंग और सैनिटाइजेशन सहित अन्य मानक पूरा कराना नहीं होगा आसान - जीडीए प्रवर्तन अनुभाग के अधिकारी जुटे हैं सामुदायिक रसोई की व्यवस्थाओं में माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। कोरोना के चलते लॉकडाउन का चौथा चरण शुरू होने से पहले जिला प्रशासन ने महानगर में छोटे-बड़े निर्माण कार्य को अब छूट दे दी है। निर्माण कार्य शुरू करने के लिए अब सरकारी एजेंसियों, बिल्डरों और ठेके दारू को जीडीए से मंजूरी नहीं लेनी होगी। अब विभागीय स्तर पर ही निर्माण की मंजूरी दी जाएगी। ऐसे में सोशल डिस्टेंसिंग और सैनिटाइजेशन की प्रक्रिया के साथ निर्माण साइटों पर केंद्र सरकार के मानकों को पूरा कराना जिला प्रशासन के लिए चुनौती होगा। जीडीए की ओर से बीते मंगलवार तक 146 निर्माण कार्यों को स्वीकृति प्रदान की गई थी। अब जनपद में कहीं भी छोटे-बड़े निर्माण कार्यों को शुरू करने के लिए अब मंजूरी नहीं लेनी होगी। ऐसे में गली मोहल्लों में शुरू होने वाले निर्माण कार्य स्थलों पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन और सैनिटाइजेशन की प्रक्रिया को अंजाम दिया जा रहा है या नहीं, इसकी पड़ताल करना बेहद कठिन होगा। जिला प्रशासन की ओर से निर्माण कार्य शुरू करने के लिए तय किए गए मानकों में कोई तब्दीली नहीं की गई है। ऐसे में विभिन्न निर्माण एजेंसियों के ऊपर ही मानकों को पूरा कराने का दारोमदार होगा। जीडीए सहित अन्य ने निर्माण एजेंसियों को सबसे ज्यादा परेशानी निजी ठेकेदारों द्वारा किए जा रहे निर्माण कार्यों की निगरानी में पेश आ सकती है। पूर्व की तरह ही निर्माण करने वालों को अपनी साइट पर श्रमिकों का नियमित मेडिकल चेकअप कराने व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराना अनिवार्य है। साथ ही निर्माण स्थल पर प्रत्येक व्यक्ति की थर्मल स्कैनिंग, साइट पर सैनिटाइजेशन के साथ प्रवेश द्वार पर हैंडवाश, पानी की व्यवस्था करना अनिवार्य है। जीडीए सचिव संतोष कुमार राय ने बताया कि प्राधिकरण के प्रोजेक्ट के साथ जीडीए क्षेत्र में आने वाले निर्माण कार्यों पर मानकों का पालन हो रहा है या नहीं, इसकी कड़ी निगरानी की जाएगी। --