गाजियाबाद। पत्नी की हत्या में दोषी पति लेखराज को अदालत ने साढ़े छह वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सौरभ गोयल ने दोषी पति पर दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर शादी के 10 महीने में ही विवाहिता ललिता की हत्या कर दी थी।
जिला शासकीय अधिवक्ता राजेश चंद्र शर्मा व जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता नितिन शर्मा ने बताया 19 जनवरी 2017 को नितिन कुमार ने खोड़ा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। नितिन ने पुलिस को बताया था कि उनकी मौसेरी बहन ललिता कुमारी की शादी नूरपुर खोड़ा कॉलोनी निवासी लेखराज के साथ 5 मार्च 2016 को हुई थी। शादी के बाद से ही लेखराज पत्नी से दहेज लाने की मांग करता था। इसके लिए लेखराज ललिता की पिटाई करता था।
दिसंबर 2016 में ललिता ने एक बेटी को जन्म दिया। इसके बाद से लेखराज ललिता को और प्रताड़ित करने लगा। नितिन बहन ललिता की ससुराल के पास ही एक कंपनी में नौकरी करता था। घटना वाले दिन ललिता के पड़ोसी ने नितिन को फोन कर बताया कि उनकी बहन के घर से रोने-चिल्लाने की आवाज आ रही है। नितिन बहन की ससुराल पहुंचा तो वहां ललिता जमीन पर खून से लथपथ पड़ी थी।
लेखराज ने प्रेशर कुकर के ढक्कन के हैंडल से ललिता के सिर पर वार किया था, इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई थी। जिसके कारण ललिता की मौत हो गई। पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर लेखराज को दहेज हत्या की धाराओं में नामजद कर कर जेल भेज दिया था।