गाजियाबाद। शराब पीने के दौरान कहासुनी होने पर छत से फेंककर हत्या के मामले में अदालत ने दोषी छोटेलाल व उसके बेटे वेदपाल को अदालत ने साढ़े छह-छह वर्ष कारावास की सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पवन शर्मा ने पिता-पुत्र पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अदालत में बयान दर्ज कराने के बाद बचाव पक्ष की जिरह के दौरान मृतक ऋषिपाल के भाई, भाभी व मां पहले दिए गए बयान से मुकर गए थे।
सजा के प्रश्न पर बहस करते हुए अभियोजन पक्ष सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता आदेश त्यागी ने कहा कि न्यायालय का दायित्व है कि दंड अधिरोपित करते समय न्याय के लिए आम जनता और समाज की आवाज एवं पीड़ा को महसूस करे। समाज के नियमों को तोड़ने वालों को कठोर दंड से दंडित किया जाना चाहिए, जिससे न्याय के उद्देश्य की पूर्ति हो सके। वहीं, बचाव पक्ष ने कहा कि दोनों दोषी गरीब व मजदूर पेशा व्यक्ति हैं। परिवार में वही दोनों कमाने वाले हैं, इसलिए कम से कम सजा दी जाए।
12 मई 2017 को हुई थी घटना
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता आदेश त्यागी ने बताया 12 मई 2017 को हरदोई निवासी अमरसिंह ने कविनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अमर सिंह ने पुलिस को बताया था कि उनका 25 वर्षीय छोटा भाई ऋषि पाल बम्हैटा में किराये पर रहता था। उसने किसी आयोजन पर रिश्तेदारों को दावत दी थी। कई लोग खाना खाकर जा चुके थे। ऋषिपाल मकान की छत पर छोटेलाल और उसके बेटे वेदपाल के साथ शराब पी रहा था। इसी दौरान किसी बात को लेकर तीनों में कहा सुनी हो गई। गुस्से में छोटेलाल और वेदपाल ने ऋषि पाल को छत से नीचे फेंक दिया। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इलाज के दौरान ऋषिपाल की मौत हो गई। बचाव पक्ष ने अदालत में कहा कि जिस मकान में ऋषिपाल किरायेदार था, उसमें छत पर जाने के लिए जीना नहीं था, ऊपर कोई रेलिंग भी नहीं थी। छत पर चढ़ने के लिए सीढ़ी लगाई गई थी। ऋषिपाल रात में सोते हुए अचानक जग गया, वह उठाकर नीचे जा रहा था, शराब के नशे में होने से नीचे गिरकर घायल हो गया था। इलाज के दौरान मौत हो गई थी।