गाजियाबाद। घरेलू सहायिका कमलेश की हत्या कर शव को मधुबन-बापूधाम क्षेत्र के जंगल में फेंकने की घटना का पुलिस ने खुलासा कर निखिल व उसके दोस्त गोपाल को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक घरेलू सहायिका ने अपना मकान बेचने की एवज में मुख्य आरोपी निखिल से तीन लाख रुपये लिए थे। पांच लाख में मकान का सौदा तय हुआ था, लेकिन उसने न तो बैनामा किया और न ही रुपये लौटाए। वह निखिल को दुष्कर्म में फंसाने की धमकी दे रही थी, इसलिए उसने अपने दोस्त गोपाल के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी ओर शव को मधुबन-बापूधाम के जंगल में ले जाकर फेंक दिया। निखिल बीए द्वितीय वर्ष का छात्र है।
एसीपी रवि कुमार ने बताया कि 24 फरवरी को लोहियानगर के पीले क्वार्टर निवासी कमलेश की लाश मधुबन-बापूधाम क्षेत्र के जंगल में मिली थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कमलेश की गला घोंटकर हत्या करने की बात सामने आई थी। पुलिस तभी से मामले की जांच कर रही थी। पुख्ता सबूत के आधार पुलिस ने निखिल निवासी लाल क्वार्टर और उसके दोस्त गोपाल निवासी छपरौला, बादलपुर को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की। निखिल ने बताया कि कमलेश उनके यहां घरेलू सहायिका के रूप में दो साल से काम रही थी। उसको अपना मकान बेचना था, जिसको वह खरीदना चाहता था। पांच लाख रुपये में इसका सौदा तय हो गया। निखिल ने कमलेश को तीन लाख रुपये पहले दे दिए लेकिन कमलेश न तो मकान का बैनामा कर रही थी और न ही उसके रुपये लौटा रही थी। ज्यादा तकादा करने पर वह उनको दुष्कर्म के मुकदमे में फंसाने की धमकी दे रही थी। इसी वजह से उसने कमलेश को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। उन्होंने 23 फरवरी को कमलेश को प्लॉट दिखाने के बहाने बुलाया और स्कूटी पर बैठाकर उसको मधूबन बापूधाम क्षेत्र की तरफ ले गए। बाइक पर गोपाल भी पीछे से आ गया।
वहां चादर से गला घोंटकर उन्होंने कमलेश को मौत के घाट उतार दिया और शव को जंगल में फेंक दिया। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने बाइक, स्कूटी, कमलेश का मोबाइल बरामद कर लिया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी शिमला चले गए थे।