घटना के बाद मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारी
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गढ़मुक्तेश्वर (हापुड़) के सिंभावली क्षेत्र के गांव देवली में अज्ञात हमलावरों ने रविवार को खेतों से लौट रहे तीन लोगों पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई थीं। घटना में गंभीर रूप से घायलों को मेरठ के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सोमवार की दोपहर एक घायल की उपचार के दौरान मौत हो गई। मौत की खबर सुनते ही परिजनों में कोहराम मच गया। वहीं घटना के 36 घंटे बीतने के बाद भी पुलिस बदमाशों का कोई सुराग नहीं लगा पाई। इधर घटना के बाद से गांव में दहशत का माहौल है।
देवली निवासी शराब कारोबारी सुजीत भाटी अपने चचेरे भाई वीरेंद्र भाटी के साथ रविवार की सुबह खेतों पर गया था। खेतों से लौटनते समय गांव का ही रहने वाला शरफुद्दीन मिल गया। जिससे दोनों भाई बातचीत करने लगे। इसी बीच दो नकाबपोश बदमाश बाइक से मौके पर पहुंचे और सुजीत भाटी को टारगेट बनाकर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। जिसमें सुजीत, वीरेंद्र और शरफुद्दीन गंभीर रूप से घायल हो गए। जिन्हें मेरठ के अस्पतालों में भर्ती कराया गया था। जहां से वीरेंद्र को दिल्ली के लिए रेफर कर दिया गया था।
शरीफुद्दीन ने उपचार के दौरान तोड़ा दम
बदमाशों की गोली से घायल शरफुद्दीन(60) का उपचार मेरठ के अस्पताल में चल रहा था। ऑपरेशन के बाद सोमवार को उनकी मौत हो गई। मौत की खबर सुनकर परिजनों में कोहराम मच गया है। परिजनों ने बताया कि मेरठ के मेडिकल थाने की पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर कार्रवाई को भेज दिया है।
बदमाशों का अभी तक नहीं लगा सुराग
वारदात रविवार की सुबह करीब साढ़े छह बजे हुई। जिसके बाद एसपी दीपक भूकर, एएसपी मुकेश चंद्र मिश्र समेत फोरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंची। एसपी ने घटनाक्रम के खुलासे के लिए तीन टीमों का भी गठन किया। पुलिस सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य तरीकों से हमलावरों का पता लगाने का प्रयास कर रही है। लेकिन हमलावरों तक पहुंचना तो दूर, अभी तक पुलिस हमले का कारण तक नहीं जान सकी है।