10 साल बाद नाबालिक को बहला-फुसलाकर कर दुष्कर्म करने के आरोपी को अदालत ने 20 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 20 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया। मामला विजय नगर थाना क्षेत्र का है। विशेष लोक अभियोजक संजीव बखारवा ने बताया भरत नगर विजय नगर निवासी 32 वर्षीय मदन कुमार मंडल ने 15 वर्षीय नाबालिक को हथियार के बल पर डराकर व बहला-फुसलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता 5 माह की गर्भवती हो गई।
दिनांक 29 जुलाई 2013 समय करीब सुबह 5:00 बजे मदन को पीड़िता के साथ दुष्कर्म करते हुए उसकी मां ने रंगे हाथों पकड़ लिया पर मदन मौके से फरार हो गया। जिसके बाद पीड़िता के पिता ने मामले की रिपोर्ट पुलिस में दर्ज कराते हुए बताया हम भरत नगर कमला कुमारी के मकान में किराए पर रहते थे। मदन नीचे की मंजिल के मकान मे 8 माह पूर्व रहने आया था। मदन चांदनी चौक के कॉर्पोरेट बैंक में काम करता है। लगभग 6 -7 माह से पीड़िता को हथियार के बल पर डराकर उसके साथ दुष्कर्म कर रहा था। जिसकी वजह से पीड़िता पांच माह की गर्भवती भी हो गई।
पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर दुष्कर्म के मामले में मदन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मामले की अंतिम सुनवाई बुधवार को पॉक्सो कोर्ट फर्स्ट न्यायधीश अमित कुमार प्रजापति की अदालत में हुई। अदालत ने मामले में सुनवाई के बाद सबूतों और गवाहों के आधार पर मदन को दुष्कर्म की धाराओं में दोषी करार देते हुए 20 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही अभियुक्त मदन को 20 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया। अदालत ने अर्थदंड से मिली पूरी धनराशि पीड़िता को दिए जाने का आदेश पारित किया। मामले में 6 गवाह पेश किए गए। अभियुक्त को सजा दिलाने में पीड़िता व उसकी मां के बयान अहम रहे।