सिद्धार्थ विहार बागू की गलियों में भरा सीवर का गंदा पानी
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सबहेड- नाले और सीवर का गंदा पानी जमा होने से घर में कैद हुए लोग - नाले के निर्माण की एनएचएआई से लगाई गुहार, जल निकासी की नगर निगम की अस्थाई व्यवस्था भी हुई बंद - एनएचएआई के अधिकारी बोले, लेबर की उपलब्धता होते ही जल्द शुरू कराया जाएगा निर्माण माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर प्रताप विहार से सटे सिद्धार्थ विहार बागू के निवासी इस भीषण गर्मी में नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। एक्सप्रेस-वे से सटे मुख्य नाले का निर्माण नहीं होने से सिद्धार्थ विहार बागू की गलियों में सीवर का गंदा पानी जमा हो गया है। ऐसी में लोग गंदे पानी से ही गुजर कर आने जाने को मजबूर हैं। नाले का निर्माण नहीं होने से लोगों की मांग पर नगर निगम ने जल निकासी के लिए पंप लगाकर अस्थाई बंदोबस्त किया गया था। लेकिन बीते सप्ताह से अस्थाई इंतजाम भी हटने से लोगों की समस्या बढ़ गई है। भीषण गर्मी के साथ-साथ लोगों को सीवर के गंदे पानी से होकर आना जाना पड़ रहा है। स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि अब गंदा पानी गलियों के साथ अब उनके घरों में घुसने लगा है। स्थानीय लोगों की ओर से एनएचएआई के साथ-साथ नगर निगम के अधिकारियों से नाले का निर्माण कर स्थाई समाधान की कई बार गुहार लगाई गई। लेकिन समस्या का अब तक समाधान नहीं हो सका है। सिद्धार्थ विहार बागू की गलियों में सीवर का पानी जमा होने से संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है। पहले से ही कोरोना संक्रमण से जूझ रहे लोगों की परेशानी दोगुनी हो गई है। परेशान लोगों ने चेतावनी दी कि उनकी समस्या का समाधान जल्द न हुआ तो वह सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। --------------------- लोगों की परेशानी उनकी जुबानी 1. बीते कई दिनों से सीवर का पानी गली में जमा है। गंदा पानी घर की दो-तीन सीढ़ियों के ऊपर तक आ चुका है। ऐसे में क्षेत्र में बीमारी फैलने का खतरा खड़ा हो गया है। --जगवति देवी, निवासी -- 2. एक्सप्रेस-वे से सटे नाले का निर्माण के लिए कई बार एनएचएआई और नगर निगम के अधिकारियों से मांग की गई। लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है। सीवर का पानी गलियों में घुसने से अब स्थिति बहुत खराब हो चुकी है। सर का समाधान नहीं हुआ तो लोग आंदोलन करने को मजबूर होंगे। -- चंद्रपाल सिंह निवासी -- 3. सीवर के गंदे पानी की निकासी के लिए पहले नगर निगम की ओर से अस्थाई बंदोबस्त किए गए थे। पिछले हफ्ते से वह भी बंद कर दिया गया है। ऐसे ही में गंदा पानी गलियों में जमा हो गया है। एनएचएआई को समस्या के समाधान के लिए जल्द कदम उठाने चाहिए। -- राजकुमार, निवासी -- 4. भीषण गर्मी के साथ गलियों में गंदा पानी जमा होने से परेशानी दोगुनी हो गई है। कोरोना संक्रमण का खतरा पहले से ही बना हुआ था, सीवर जनित बीमारी फैलने का खतरा बढ़ गया है। लोगों की परेशानी को देखते हुए जल्द निदान कराया जाना चाहिए। -- संजय शर्मा, निवासी ---------------------- कोट.... लेबर की उपलब्धता होते ही जल्द शुरू होगा नाले का निर्माण सिद्धार्थ विहार बागू के पास नाले के निर्माण के साथ पाइपलाइन भी डाली जानी है। लॉकडाउन के बाद से ही लेबर की उपलब्धता बेहद कम है। लोगों की परेशानी को देखते हुए पहले अस्थाई समाधान कराने के बाद जल्द नाले का निर्माण कराया जाएगा। - मुदित गर्ग, डीजीएम, एनएचएआई ------------