साहिबाबाद। नगर निगम में शामिल होने के 25 वर्ष बाद भी कड़कड़ मॉडल और साइट चार में सीवर लाइन न बिछाए जाने का संज्ञान लेते हुए एनजीटी ने प्रमुख सचिव यूपी, पर्यावरण मंत्रालय, सीपीसीबी, यूपीपीसीबी, नगर निगम, जिलाधिकारी, यूपी जल निगम और यूपीसीडा को नोटिस जारी किया है। एनजीटी ने 12 मार्च तक इस संबंध में सभी से जवाब मांगा है।
एनजीटी ने अपने एक आदेश में यमुना पॉल्युशन कमिटी के निर्देशानुसार साल 2020 तक इन इलाकों में सीवर लाइन बिछाने के आदेश जारी किए थे। क्षेत्र में अब तक भी सीवर लाइन नहीं बिछाई जा सकी है। याचिकाकर्ता व कड़कड़ मॉडल निवासी सुशील राघव ने बताया कि एनजीटी के आदेश का पालन नहीं हुआ तो उन्होंने वर्ष 2022 में कोर्ट के अवमानना का केस दाखिल किया। अब इस संबंध में 12 जनवरी को हुई सुनवाई के बाद एनजीटी ने यह आदेश सभी जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। नोटिस जारी कर एनजीटी ने कड़कड़ मॉडल में सीवर लाइन डाले जाने का काम पूरा क्यों नहीं किया गया इस संबंध में जवाब मांगा है। एनजीटी में अब इस मामले की अगली सुनवाई 12 मार्च को है, अधिकारियों को इस दिन अपनी रिपोर्ट जमा करनी होगी।
15 वर्ष पूर्व डाली, लाइन घरों से नहीं हुआ कनेक्शन
कड़कड़ मॉडल में 15 वर्ष पूर्व गांव में सीवर की लाइन कुछ सड़कों पर डाली गई लेकिन घरों से इसका अब तक कनेक्शन नहीं हो सका है न ही कोई एसपीएस बनी है। इसका कोई इस्तेमाल नहीं होता है, जिसके कारण यहां हमेशा बारिश के मौसम में सड़कें और नालियां से पानी ओवरफ्लो होकर घरों के आगे जम जाता है। क्षेत्र में सीवर लाइन न होने से गंदगी खुली नालियों में बहती है। इसकी वजह से करीब एक लाख लोग सीधे तौर पर प्रदूषण से प्रभावित हो रहे हैं।