गाजियाबाद। काफी समय से रेपिडएक्स की साइट व ट्रैकों से तार व अन्य सामान चोरी करने वाले गिरोह के सात चोरों को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है। इनके पास पुलिस ने भारी मात्रा में तार, चोरी करने वाले उपकरण, हथियार व वाहन बरामद किए हैं। यह गिरोह पूर्व में 19 वारदात कर चुके हैं लेकिन एनसीआरटीसी ने केवल सात मामलों में केस दर्ज कराया था। गिरोह के तीन शातिर अभी फरार हैं, जिनकी पुलिस तलाश कर रही है। एडीसीपी अपराध सच्चिदानंद ने बताया कि पकड़े गए शातिर दिल्ली ओखला शाहीनबाग निवासी सैफ मलिक, दिल्ली के बाटला हाउस जामिया नगर निवासी मोहम्मद जावेद, मोहम्मद कलीम उर्फ सिद्धू, गुलजार, मुजफ्फरनगर भोपा निवासी जुल्फीकार, टीला मोड़ के पसौंडा निवासी समीर मलिक और दिल्ली सीलमपुर निवासी जावेद हैं। सैफ मलिक गिरोह का सरगना है और सीलमपुर के जावेद के साथ मिलकर कबाड़ का काम करता है जबकि इनके तीन साथी जावेद, सोनू व शादाब फरार हैं। पूछताछ में शातिरों ने बताया कि रेपिडएक्स के ट्रैक पर लगे हुए कॉपर के तार चोरी करके अपने फरार साथियों को बेचते थे। जो इन तारों को गलाकर आगे बाजार में बेच देते थे। ये पिछले सात महीनों से चोरी की वारदात कर रहे थे। एडीसीपी ने बताया कि शातिरों के खिलाफ दिल्ली में कई मामले दर्ज हैं।
ये सामान किया बरामद
पुलिस ने इनके पास से करीब 17 लाख कीमत का तार, पांच हजार रुपये की नकदी, छोटा हाथी, कार, फिश प्लेट, हथियार, रस्सों के बंडल समेत अन्य सामान बरामद किया है।
50 हजार रुपये कीमत का तार 700 रुपये प्रति किलो में बेचते थे
एनसीआरटीसी से मिली जानकारी के अनुसार साइट पर लगे कॉपर के तार जापान से आते हैं और 50 हजार रुपये मीटर का तार है। पूछताछ में शातिरों ने बताया कि वे यह तार केवल सात सौ रुपये किलो के हिसाब से कबाड़ी को बेच रहे थे, जो उसे गलाकर आगे बेच रहे थे।
रस्सों के जरिये ट्रैक पर चढ़ते थे
एडीसीपी ने बताया कि शातिर ट्रैक पर सुनसान इलाके को देखकर सड़क पर खड़े होकर एक सुतली में पत्थर बांधकर उसे ट्रैक पर फेंकते थे। दूसरी तरफ सड़क पर खड़ा दूसरा शातिर सुतली के पहुंचने पर उसमें मोटा रस्सा बांधता है। इसके बाद सुतली फेंकने वाला उसे खींच लेते था। इसके बाद एक तरफ से रस्से को पिलर से बांधकर दूसरी तरफ से रस्से को पकड़कर ट्रैक पर पहुंचते हैं और तार काटकर चोरी करते हैं।