अमर उजाला का चुनावी रथ सत्ता का संग्राम आज दिल्ली से सटे गाजियाबाद जिले में पहुंचा। यहां चर्चा के दौरान स्थानीय लोगों से पूछा कि आखिर इस लोकसभा क्षेत्र में चल क्या रहा है। लोगों के क्या-क्या मुद्दे हैं, जिनपर वह वोट देने के बारे में सोच रहे हैं।
इस चर्चा के दौरान स्थानीय नागरिक दिवाकर वशिष्ठ ने अपनी माता से साथ हुए हादसे पर सरकार से कहा कि डॉक्टरों को लेकर एक कानून आना चाहिए। वहीं दूसरी तरफ युवा छात्र अनुराग ने सरकार से अनुरोध करते हुए कहा कि 90 दिन की क्लास के बाद ही एग्जाम हों। कई बार यूजीसी से शिकायत की। लेकिन कोई हल नहीं निकला। छात्रों का कहना था कि बिना पढ़ाई के एग्जाम नहीं होने चाहीए।
छात्रा प्रीति मौर्या ने कहा कि सरकार को रोजगार की गारंटी देनी चाहिए। वहीं छात्रा स्नेहा सोनिया ने कहा कि सरकार को महिलाओं की शिक्षा की ओर ध्यान देना चाहिए। अगर महिला पढ़ी-लिखी और जागरूक होगी तो कोई अपराध नहीं होगा, वो समझ जाएंगी किसको वोट देना है।
वहीं चर्चा के दौरान विकास भाटिया ने कहा कि गाजियाबाद में खेल को बढ़ावा नहीं दिया जा रहा है। यहां सिर्फ एक ही स्टेडियम है। जहां सुविधाओं का आभाव है। सभी लोगों को स्कॉलरशिप नहीं मिलती है। अधिकारी बीच में ही खा जाते हैं।
चर्चा के दौरान गौतम राजपूत ने आने वाली सरकार से अपील है कि प्राइवेट एजुकेशन के मामले में सरकार रेवड़ी बांट रखी है। सभी को परमिशन नहीं मिलनी चाहिए। स्कूल-कॉलेज अभिभावकों से मनमानी फीस वसूलते हैं। इसके लिए एक नियम बनकर आए। साथ ही कहा कि देश की सीमाओं को और भी सुरक्षित किया जाए। वहीं बातचीत के दौरान डॉक्टर सिम्मी त्यागी ने कहा कि लोगों को रोजगार मिलना चाहिए और रिजर्वेशन बंद होना चाहिए।