फर्जी विधायक संजय ओझा पुलिस हिरासत में
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गाजियाबाद के डिबाई कोतवाली क्षेत्र में लोगों से सीआरपीएफ में नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी करने वाले फर्जी असिस्टेंट कमांडेंट भूपेंद्र के साथी संजय ओझा को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। भूपेंद्र ने पूछताछ में बताया था कि संजय फर्जी विधायक बनकर अधिकारियों पर रौब झाड़ता था। साथ ही उसने पुलिस से उसे बचाने के एवज में 15 लाख रुपये भी लिए थे।
गत जनवरी माह में कोतवाली क्षेत्र के गांव दौंगवा निवासी भूपेंद्र सिंह (फर्जी असिस्टेंट कमांडेंट सीआरपीएफ) को लोगों से नौकरी के नाम पर रुपये ठगना और मारपीट कर उत्पीड़न करने के मामलें में पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। आरोपी भूपेंद्र से पूछताछ के बाद अब डिबाई पुलिस ने उसके साथी जहांगीराबाद थाना क्षेत्र के मोहल्ला कायस्थबाड़ा निवासी संजय ओझा को शनिवार देर रात गिरफ्तार किया गया। बताया गया कि आरोपी मंडी कारोबारी है। उसने आरोपी भूपेंद्र को पुलिस से बचाने के एवज में दो बार में 15 लाख रुपये लिए थे।
साथ ही आरोपी संजय कई बार खुद को विधानसभा बिल्सी का बीजेपी विधायक बताकर अधिकारियों से मोबाइल पर बात करता था और रौब झाड़ता था। वह आरोपी भूपेंद्र के साथ नौकरी के नाम पर संगठित गैंग चलाकर लोगों से रुपये वसूलता था।
गृह सचिव, डीजीपी यूपी तक को किए फोन
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी संजय ओझा विभिन्न प्रकरणों में डीएम अलीगढ़, एसएसपी अलीगढ़, एसपी सिटी मथुरा, प्रभारी निरीक्षक खुर्जा, प्रभारी निरीक्षक रामघाट, थाना प्रभारी सिविल लाइन अलीगढ़, गृह सचिव उत्तर प्रदेश, डीजीपी उत्तर प्रदेश, एडीजी प्रयागराज को भी फोन कर चुका है।
फर्जी विधायक बन अधिकारियों से विभिन्न प्रकरणों में बात करने वाले व आरोपी भूपेंद्र का साथ देने वाले आरोपी संजय ओझा को गिरफ्तार कर लिया गया है। जिसे पूछताछ के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा रहा है।
- बजरंगबली चौरसिया, एसपी देहात